मैनपुरी बतायेगी सपा की सियासी ताकत
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- रैली में जुटी भीड़ होगी सपा के प्रभाव का सूचकांक
जागरण ब्यूरो, लखनऊ : तीसरे मोर्चे के ऐलान और मुजफ्फरनगर में स्थायी तनाव के बीच सपा सु्प्रीमो मुलायम सिंह अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के लिए अपने गढ़ से हुंकार भरेंगे। गुरुवार को मैनपुरी में सपा की देश बचाओ देश बनाओ रैली बदले हुए समीकरणों की रोशनी में महत्वपूर्ण हो चली है। आजमगढ़ की जुटान से सपा को उत्साह तो मिला था लेकिन सियासी वर्चस्व की झलक मैनपुरी से ही मिलेगी जो न केवल सपा सुप्रीमो की संसदीय सीट है बल्कि उस आलू पट्टी के केंद्र में है जहां सपा का डंका बजता है। मुलायम भले ही न चाहें लेकिन मैनपुरी की इस रैली की तुलना प्रदेश में हुई और होने वाली रैलियों से होगी क्यों कि यहां जुटी भीड़ फिरोजाबाद, एटा, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, आगरा संसदीय क्षेत्र में सपा के प्रभाव का सूचकांक होगी।
समाजवादी पार्टी ने आजमगढ़ से चुनावी रैलियों का आगाज किया था जहां भीड़ भी जुटी थी लेकिन आजमगढ़ की रैली के बाद से सियासी समीकरण बदले हैं। उस रैली के अगले दिन दिल्ली में 17 राजनीतिक दलों के नेता एक मंच पर जुटे, जिसे तीसरे मोर्चे की पहल कदमी माना गया। इससे मुलायम के अभियान को ताकत मिली है। आजमगढ़ में मुलायम प्रधानमंत्री के प्रति नरम नजर आए थे लेकिन बदले हालात और प्रदेश सरकार पर राहुल के तीखे हमलों के मद्देनजर मैनपुरी में कांग्रेस को लेकर मुलायम का रुख उत्सुकता बढ़ा रहा है। क्यों कि अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी राहुल पर पलटवार शुरू कर दिये हैं।
मुजफ्फरनगर दंगों के बाद सपा ने अल्पसंख्यक व पिछड़ों पर अपना फोकस बढ़ाया है लेकिन चुनौती बहुजातीय संतुलन साधने की है क्यों कि मैनपुरी व जुड़े हुए संसदीय इलाकों में सपा का जनाधार सिर्फ अल्पसंख्यक व पिछड़ों तक सीमित नहीं है। मैनपुरी की रैली में मुलायम का जातीय संदेश काबिले गौर होगा। आजमगढ़ के बाद मुलायम की आजम से निकटता बढी है। मैनपुरी की रैली में बतायेगी सपा की भीतरी सियासत में आजम सचमुच सपा प्रमुख के करीब हुए हैं या फिर आजमगढ़ अपवाद था।
सपा ने चतुराई के साथ इस रैली को विकास योजनाओं से जोड़ा है इसलिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कई परियोजनाओं का ऐलान करेंगे ताकि विकास व सियासत को एक साथ साधा जा सके। मैनपुरी से लगी फिरोजाबाद, एटा,फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, आगरा संसदीय क्षेत्र में अब तक सपा का ही वर्चस्व रहा है। भाजपा नेता कल्याण सिंह एटा से निर्वाचित हुए थे, मगर सपा ने उनके खिलाफ प्रत्याशी नहीं दिया था। अलबत्ता फिरोजाबाद उपचुनाव में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव कांग्र्रेस के राजबब्बर से चुनाव हार गयी थीं।
समाजवादी पार्टी की गुरुवार को यहां होने वाली देश बचाओ-देश बनाओ महारैली के लिए मंच सजकर तैयार है। पूरा शहर समाजवादी
पार्टी के रंग में रंगा हुआ है। महारैली के लिए सपा के तमाम मंत्री,
सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी बरेली पहुंच चुके हैं। मुजफ्फरनगर में
हुए जातीय संघर्ष के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का यह
पहला बड़ा कार्यक्रम है, लिहाजा पार्टी नेतृत्व ने महारैली को सफल बनाने
के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। महारैली में कहीं कोई कमी न रह जाए, इसके
लिए हर व्यवस्था को कई-कई बार परखा जा रहा है। महारैली के लिए सभी
तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
महारैली में लोगों की भारी भीड़ के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने
गुरुवार को सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्देश दिया है। महारैली के
चलते शहर में जाम की स्थिति न पैदा हो, इसलिए बरेली में भारी वाहनों का
प्रवेश बुधवार की देर रात से प्रतिबंधित कर दिया गया है। दिल्ली-लखनऊ
राजमार्ग पर चलने वाले वाहनों को डायवर्ट करके दूसरे रास्तों से उनके
गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। इमरजेंसी वाहनों के आने-जाने पर कोई रोक नहीं
रहेगी। महारैली में आने वाले वाहनों की पार्किंग के लिए शहर के बाहर कई
जगहों पर पार्किंग बनाई गई है। महारैली में आने वाले लोगों को कोई समस्या
होने पर उसके निदान के लिए प्रशासन ने दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए
हैं।
समाजवादी पार्टी के
संयोजक सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी
हैं। इस्लामिया कॉलेज के ग्राउंड में सुबह 10 बजे से होने वाली महारैली
कई मायनों में ऐतिहासिक होगी। उन्होंने बताया कि महारैली को लेकर लोगों
में जबरदस्त उत्साह है। महारैली में लोगों की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ जुटेगी।
उन्होंने बताया कि महारैली को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष
मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर
राम गोपाल यादव, राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री मोहम्मद आजम खान और शिवपाल
यादव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे।
धर्मेंद्र यादव ने बताया कि रैली स्थल पर पार्टी नेताओं के लिए बने मुख्य
मंच के साथ ही एक और मंच बनाया गया है। इस मंच से स्थानीय नेता रैली को
संबोधित करेंगे। इसके साथ ही इस मंच से सासंकृतिक कार्यक्रम पेश किए
जाएंगे। समाजवादी पार्टी ने पूरे बरेली शहर को सपा के पोस्टर्स, बैनर्स
और झंडियों से पाट दिया है। शहर के सभी प्रमुख चौराहों को सपा की
रंग-बिरंगी झंडियों और रंगीन लाइटों से सजाया गया है।
बरेली शहर की तरफ आने वाले सभी रास्तों पर सपा नेताओं के मुस्कराते हुए
बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए हैं। महारैली में आने वाले लोगों का इस्तक्बाल
करने के लिए सैकड़ों स्वागतद्वार बनाए गए हैं। देश बचाओ-देश बनाओ महारैली
को सफल बनाने के लिए समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता कोई कोर-कसर
बाकी नहीं रखना चाहते हैं। रैली स्थल इस्लामिया कॉलेज ग्राउंड और उसके
बाहर लोगों की सहूलियत के लिए कई बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई जा रही हैं।
सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि महारैली सुबह 10 बजे शुरू होगी।
महारैली को देश-विदेश के करोड़ों लोग इंटरनेट पर लाइव देख सकेंगे।
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- रैली में जुटी भीड़ होगी सपा के प्रभाव का सूचकांक
जागरण ब्यूरो, लखनऊ : तीसरे मोर्चे के ऐलान और मुजफ्फरनगर में स्थायी तनाव के बीच सपा सु्प्रीमो मुलायम सिंह अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के लिए अपने गढ़ से हुंकार भरेंगे। गुरुवार को मैनपुरी में सपा की देश बचाओ देश बनाओ रैली बदले हुए समीकरणों की रोशनी में महत्वपूर्ण हो चली है। आजमगढ़ की जुटान से सपा को उत्साह तो मिला था लेकिन सियासी वर्चस्व की झलक मैनपुरी से ही मिलेगी जो न केवल सपा सुप्रीमो की संसदीय सीट है बल्कि उस आलू पट्टी के केंद्र में है जहां सपा का डंका बजता है। मुलायम भले ही न चाहें लेकिन मैनपुरी की इस रैली की तुलना प्रदेश में हुई और होने वाली रैलियों से होगी क्यों कि यहां जुटी भीड़ फिरोजाबाद, एटा, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, आगरा संसदीय क्षेत्र में सपा के प्रभाव का सूचकांक होगी।
समाजवादी पार्टी ने आजमगढ़ से चुनावी रैलियों का आगाज किया था जहां भीड़ भी जुटी थी लेकिन आजमगढ़ की रैली के बाद से सियासी समीकरण बदले हैं। उस रैली के अगले दिन दिल्ली में 17 राजनीतिक दलों के नेता एक मंच पर जुटे, जिसे तीसरे मोर्चे की पहल कदमी माना गया। इससे मुलायम के अभियान को ताकत मिली है। आजमगढ़ में मुलायम प्रधानमंत्री के प्रति नरम नजर आए थे लेकिन बदले हालात और प्रदेश सरकार पर राहुल के तीखे हमलों के मद्देनजर मैनपुरी में कांग्रेस को लेकर मुलायम का रुख उत्सुकता बढ़ा रहा है। क्यों कि अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी राहुल पर पलटवार शुरू कर दिये हैं।
मुजफ्फरनगर दंगों के बाद सपा ने अल्पसंख्यक व पिछड़ों पर अपना फोकस बढ़ाया है लेकिन चुनौती बहुजातीय संतुलन साधने की है क्यों कि मैनपुरी व जुड़े हुए संसदीय इलाकों में सपा का जनाधार सिर्फ अल्पसंख्यक व पिछड़ों तक सीमित नहीं है। मैनपुरी की रैली में मुलायम का जातीय संदेश काबिले गौर होगा। आजमगढ़ के बाद मुलायम की आजम से निकटता बढी है। मैनपुरी की रैली में बतायेगी सपा की भीतरी सियासत में आजम सचमुच सपा प्रमुख के करीब हुए हैं या फिर आजमगढ़ अपवाद था।
सपा ने चतुराई के साथ इस रैली को विकास योजनाओं से जोड़ा है इसलिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कई परियोजनाओं का ऐलान करेंगे ताकि विकास व सियासत को एक साथ साधा जा सके। मैनपुरी से लगी फिरोजाबाद, एटा,फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, आगरा संसदीय क्षेत्र में अब तक सपा का ही वर्चस्व रहा है। भाजपा नेता कल्याण सिंह एटा से निर्वाचित हुए थे, मगर सपा ने उनके खिलाफ प्रत्याशी नहीं दिया था। अलबत्ता फिरोजाबाद उपचुनाव में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव कांग्र्रेस के राजबब्बर से चुनाव हार गयी थीं।
समाजवादी पार्टी की गुरुवार को यहां होने वाली देश बचाओ-देश बनाओ महारैली के लिए मंच सजकर तैयार है। पूरा शहर समाजवादी
पार्टी के रंग में रंगा हुआ है। महारैली के लिए सपा के तमाम मंत्री,
सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी बरेली पहुंच चुके हैं। मुजफ्फरनगर में
हुए जातीय संघर्ष के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का यह
पहला बड़ा कार्यक्रम है, लिहाजा पार्टी नेतृत्व ने महारैली को सफल बनाने
के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। महारैली में कहीं कोई कमी न रह जाए, इसके
लिए हर व्यवस्था को कई-कई बार परखा जा रहा है। महारैली के लिए सभी
तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
महारैली में लोगों की भारी भीड़ के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने
गुरुवार को सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्देश दिया है। महारैली के
चलते शहर में जाम की स्थिति न पैदा हो, इसलिए बरेली में भारी वाहनों का
प्रवेश बुधवार की देर रात से प्रतिबंधित कर दिया गया है। दिल्ली-लखनऊ
राजमार्ग पर चलने वाले वाहनों को डायवर्ट करके दूसरे रास्तों से उनके
गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। इमरजेंसी वाहनों के आने-जाने पर कोई रोक नहीं
रहेगी। महारैली में आने वाले वाहनों की पार्किंग के लिए शहर के बाहर कई
जगहों पर पार्किंग बनाई गई है। महारैली में आने वाले लोगों को कोई समस्या
होने पर उसके निदान के लिए प्रशासन ने दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए
हैं।
समाजवादी पार्टी के
संयोजक सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी
हैं। इस्लामिया कॉलेज के ग्राउंड में सुबह 10 बजे से होने वाली महारैली
कई मायनों में ऐतिहासिक होगी। उन्होंने बताया कि महारैली को लेकर लोगों
में जबरदस्त उत्साह है। महारैली में लोगों की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ जुटेगी।
उन्होंने बताया कि महारैली को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष
मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर
राम गोपाल यादव, राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री मोहम्मद आजम खान और शिवपाल
यादव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे।
धर्मेंद्र यादव ने बताया कि रैली स्थल पर पार्टी नेताओं के लिए बने मुख्य
मंच के साथ ही एक और मंच बनाया गया है। इस मंच से स्थानीय नेता रैली को
संबोधित करेंगे। इसके साथ ही इस मंच से सासंकृतिक कार्यक्रम पेश किए
जाएंगे। समाजवादी पार्टी ने पूरे बरेली शहर को सपा के पोस्टर्स, बैनर्स
और झंडियों से पाट दिया है। शहर के सभी प्रमुख चौराहों को सपा की
रंग-बिरंगी झंडियों और रंगीन लाइटों से सजाया गया है।
बरेली शहर की तरफ आने वाले सभी रास्तों पर सपा नेताओं के मुस्कराते हुए
बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए हैं। महारैली में आने वाले लोगों का इस्तक्बाल
करने के लिए सैकड़ों स्वागतद्वार बनाए गए हैं। देश बचाओ-देश बनाओ महारैली
को सफल बनाने के लिए समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता कोई कोर-कसर
बाकी नहीं रखना चाहते हैं। रैली स्थल इस्लामिया कॉलेज ग्राउंड और उसके
बाहर लोगों की सहूलियत के लिए कई बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई जा रही हैं।
सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि महारैली सुबह 10 बजे शुरू होगी।
महारैली को देश-विदेश के करोड़ों लोग इंटरनेट पर लाइव देख सकेंगे।
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