जागरण ब्यूरो, लखनऊ: बदल रहे राजनीतिक समीकरणों में संतुलन साधने की समाजवादी पार्टी की कोशिशों का परिणाम शुक्रवार को मंत्रि परिषद विस्तार के रूप में दिखेगा। निर्दल विधायक रघुराज प्रताप ंिसंह उर्फ राजा भैया की मंत्रिपरिषद में वापसी होगी ही, उनके साथ एक राज्यमंत्री को प्रोन्नत और एक नए चेहरे के सरकार में शामिल होने के भी आसार हैं।
मुजफ्फरनगर के दंगे, भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की रैलियों के ऐलान के बाद से यूपी के सियासी समीकरणों में खासा बदलाव है। इसको लेकर समाजवादी पार्टी के रणनीतिकार खासे दबाव में थे। मंत्रियों के समूह से लेकर, राज्य संसदीय बोर्ड तक के मंथन में सियासी परिदृश्य को माफिक करने के लिए विधानसभा चुनाव के समय के समीकरणों को फिर साधने पर जोर दिया जा रहा था। इसका नतीजा मंत्रिपरिषद के विस्तार के रूप में शुक्रवार को नजर आएगा।
इस दिन डेढ़ साल पुरानी अखिलेश यादव सरकार का चौथा मंत्रि परिषद विस्तार होगा। जिसमें रघुराज प्रताप ंिसह उर्फ राजा भैया की मंत्रिपरिषद में वापसी तय है। वह ऐसे दूसरे मंत्री होंगे, जिन्हें इसी सरकार में दूसरी बार शामिल किया जाएगा। उनके मंत्रि परिषद में शामिल होने की बुनियाद आजम खां और रघुराज के बीच मुलाकात में ही रखी गयी थी। सपा प्रमुख मुलायम ंिसह यादव की पहल पर दोनों नेताओं ने न सिर्फ गिले शिकवे दूर किये थे, बल्कि मुजफ्फरनगर के दंगों से बदले सियासी हालात पर एक दूसरे की मदद का भाव भी जगाया था। इस मुलाकात के बाद ही 'दैनिक जागरणÓ ने राजा भैया के मंत्रिपरिषद में शामिल होने की राह खुलने की खबर प्रकाशित की थी।
सूत्रों का कहना है कि रघुराज प्रताप ंिसह के अलावा खादी ग्र्रामोद्योग राज्यमंत्री रियाज अहमद, श्रम राज्यमंत्री मंजूर अहमद में से किसी एक को प्रोन्नत कर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है। रियाज अहमद के पक्ष में बात ये जाती है कि उन्हें संगठन ने मण्डलीय अल्पसंख्यक सम्मेलन की जिम्मेदारी सौपी है। ऐसे ही श्रम राज्यमंत्री शाहिद मंजूर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सभी वर्गो के बीच स्वीकार्य और आक्रामक शैली वाला नेता माना जाता है। मुजफ्फरनगर के दंगों के बाद लोगों में सदभाव कायम करने में उन्होंने महती भूमिका निभायी है, इसी बिना पर उनकी प्रोन्नति का दावा सामने है।
सूत्रों का कहना है कि लम्बे समय से गंभीर रूप से बीमार श्रम मंत्री वकार अहमद के बेटे यासिर शाह को राज्यमंत्री का दर्जा मिल सकता है। उसके पीछे बहराइच और आसपास के क्षेत्र में समाजवादी पार्टी की ताकत को पुख्ता करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि महिला और शिया बिरादरी की इकलौती विधायकशादाब फातिमा का नाम भी मंत्री बनने वाले दावेदारों में है।
दरअसल, नियमों के मुताबिक सरकार में मुख्यमंत्री समेत 60 मंत्री ही बनाये जा सकते हैं। मौजूदा समय में मुख्यमंत्री समेत 58 मंत्री हैं। सिर्फ दो पद खाली है। इनमें से एक राजा भैया को मिलना तय है। दूसरे के लिए कई लोगों की दावेदारी है। यासिर और शादाब फातिमा की दावेदारी औरों से थोड़ा ऊपर मानी जा रही है।
विशेष विमान से आएंगे राज्यपाल: आनन-फानन में मंत्रि परिषद विस्तार की रणनीति तैयार करने के बाद प्रदेश सरकार ने अवकाश पर राजस्थान गए राज्यपाल बीएल जोशी को वापस बुलाने के लिए हवाई जहाज भेजा है। सुबह साढे दस बजे मंत्रिपरिषद का विस्तार होना है।
मुजफ्फरनगर के दंगे, भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की रैलियों के ऐलान के बाद से यूपी के सियासी समीकरणों में खासा बदलाव है। इसको लेकर समाजवादी पार्टी के रणनीतिकार खासे दबाव में थे। मंत्रियों के समूह से लेकर, राज्य संसदीय बोर्ड तक के मंथन में सियासी परिदृश्य को माफिक करने के लिए विधानसभा चुनाव के समय के समीकरणों को फिर साधने पर जोर दिया जा रहा था। इसका नतीजा मंत्रिपरिषद के विस्तार के रूप में शुक्रवार को नजर आएगा।
इस दिन डेढ़ साल पुरानी अखिलेश यादव सरकार का चौथा मंत्रि परिषद विस्तार होगा। जिसमें रघुराज प्रताप ंिसह उर्फ राजा भैया की मंत्रिपरिषद में वापसी तय है। वह ऐसे दूसरे मंत्री होंगे, जिन्हें इसी सरकार में दूसरी बार शामिल किया जाएगा। उनके मंत्रि परिषद में शामिल होने की बुनियाद आजम खां और रघुराज के बीच मुलाकात में ही रखी गयी थी। सपा प्रमुख मुलायम ंिसह यादव की पहल पर दोनों नेताओं ने न सिर्फ गिले शिकवे दूर किये थे, बल्कि मुजफ्फरनगर के दंगों से बदले सियासी हालात पर एक दूसरे की मदद का भाव भी जगाया था। इस मुलाकात के बाद ही 'दैनिक जागरणÓ ने राजा भैया के मंत्रिपरिषद में शामिल होने की राह खुलने की खबर प्रकाशित की थी।
सूत्रों का कहना है कि रघुराज प्रताप ंिसह के अलावा खादी ग्र्रामोद्योग राज्यमंत्री रियाज अहमद, श्रम राज्यमंत्री मंजूर अहमद में से किसी एक को प्रोन्नत कर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है। रियाज अहमद के पक्ष में बात ये जाती है कि उन्हें संगठन ने मण्डलीय अल्पसंख्यक सम्मेलन की जिम्मेदारी सौपी है। ऐसे ही श्रम राज्यमंत्री शाहिद मंजूर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सभी वर्गो के बीच स्वीकार्य और आक्रामक शैली वाला नेता माना जाता है। मुजफ्फरनगर के दंगों के बाद लोगों में सदभाव कायम करने में उन्होंने महती भूमिका निभायी है, इसी बिना पर उनकी प्रोन्नति का दावा सामने है।
सूत्रों का कहना है कि लम्बे समय से गंभीर रूप से बीमार श्रम मंत्री वकार अहमद के बेटे यासिर शाह को राज्यमंत्री का दर्जा मिल सकता है। उसके पीछे बहराइच और आसपास के क्षेत्र में समाजवादी पार्टी की ताकत को पुख्ता करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि महिला और शिया बिरादरी की इकलौती विधायकशादाब फातिमा का नाम भी मंत्री बनने वाले दावेदारों में है।
दरअसल, नियमों के मुताबिक सरकार में मुख्यमंत्री समेत 60 मंत्री ही बनाये जा सकते हैं। मौजूदा समय में मुख्यमंत्री समेत 58 मंत्री हैं। सिर्फ दो पद खाली है। इनमें से एक राजा भैया को मिलना तय है। दूसरे के लिए कई लोगों की दावेदारी है। यासिर और शादाब फातिमा की दावेदारी औरों से थोड़ा ऊपर मानी जा रही है।
विशेष विमान से आएंगे राज्यपाल: आनन-फानन में मंत्रि परिषद विस्तार की रणनीति तैयार करने के बाद प्रदेश सरकार ने अवकाश पर राजस्थान गए राज्यपाल बीएल जोशी को वापस बुलाने के लिए हवाई जहाज भेजा है। सुबह साढे दस बजे मंत्रिपरिषद का विस्तार होना है।
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