मेरठ जोन में आइएसआइ के 100 'एजेंटÓ
-आइएसआइ और अन्य आतंकी संगठनों की मेरठ समेत वेस्ट में फैली हैं गहराई तक जड़ें
-कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेरठ जोन में करीब 100 लोग चिह्नित
: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ समेत अन्य आतंकी संगठनों की जड़ें गहराई तक फैली हैं। यही वजह है कि यही वजह है कि देशभर में हुई कईं आतंकी वारदातों के तार मेरठ समेत वेस्ट यूपी से जुड़े रहे हैं। अमेरिका में पकड़े गए पाक आतंकवादी डेविड हेडली, तहसब्बुर राणा और अलकायदा आतंकी इलियास कश्मीरी तक की मेरठ में गतिविधियां पाई गईं थीं। तीन माह पहले कमिश्नर मनजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेरठ जोन में करीब 100 लोग चिह्नित किए गए थे, जिन पर आइएसआइ एजेंटों को शरण देने का शक था। उनके मोबाइल सर्विलांस पर रख कर उनके ऊपर पैनी नजर रखी जा रही है।
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लापता आंतकी
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-सलीम पतला - मेरठ
-हाफिज खलील, शहजाद व इकबाल काना - मुजफ्फरनगर
-सालार - आगरा
-मौ. हनीफ - मुरादाबाद
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सक्रिय संगठन
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-अलकायदा, हूजी, लश्कर-ए-तय्यबा, आइएसआइ, सिमी, नक्सली
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ये है कनेक्शन
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-मेरठ - 26 जनवरी 2010 को मेरठ की रूबी और पाकिस्तानी असद को रुड़की (हरिद्वार) में गिरफ्तार किया गया था। असद नाम बदलकर रह रहा था और पासपोर्ट भी बनवाया। दोनों आइएसआइ एजेंट बताए गए थे। लिसाड़ी गेट का सलीम उर्फ पतला का नाम भी सुर्खियों में रहा है। 11 जनवरी 2010 को आबूलेन में आइएसआइ एजेंट नासिर गिरफ्तार हुआ। 12 सितंबर 2009 को कानपुर में पकड़े आइएसआइ एजेंट इम्तियाज, 10 जनवरी 2009 को कैंट में पकड़े गए आइएसआइ एजेंट अमीर अहमद, 2 जून 2011 को रुड़की में पकड़ा गया मेरठ निवासी आइएसआइ एजेंट फुरकान अहमद उर्फ अजय ने मेरठ से कनेक्शन होने का खुलासा किया। अजय से ही पूछताछ में खुलासा हुआ कि जयपुर सीरियल ब्लास्ट में शामिल शमीम बागपत के किरठल का निवासी था और वह हूजी का कमांडर है।
-मुजफ्फरनगर : बुढ़ाना के गांव जौला से आतंकी संगठन जैश-ए मोहम्मद का कमांडर मोहम्मद वारिस गिरफ्तार हुआ था। अटारी बार्डर पर हेरोइन के साथ कांधला निवासी साबिर और नसीरन पकड़ी गई थी। आठ साल पहले महलकी निवासी नेत्रहीन कारी सलीम गिरफ्तार किया गया था।
-सहारनपुर : शाहिद इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल पटियाला में पकड़ा गया था। सहारनपुर में उसने जन्म प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया था। दो कश्मीरी छात्र पकड़े, जो चार महीना पहले ही मेरठ जेल से सजा पूरी होने के बाद छूट गए। अयोध्या में आतंकी हमले की साजिश से जुड़ा एक आरोपी डाक्टर सहारनपुर के तीतरो से गिरफ्तार हुआ था।
-शामली : वर्ष 2005 में एसटीएफ ने पांच किलो आरडीएक्स और अत्याधुनिक असलहों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो जम्मू कश्मीर निवासी थे। कैराना निवासी इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा पाकिस्तान में रहकर नकली नोटों के नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। गठरी उद्योग के जरिये समझौता एक्सप्रेस से कैराना पहुंची 40 पिस्टल बरामद हुई थीं।
-बिजनौर : दिल्ली में गिरफ्तार किए गए जनपद निवासी दो युवक आतंकी संगठन हूजी के लिए काम कर रहे थे। बिजनौर से मुकीम और नासिर को गिरफ्तार किया गया।
-हापुड़ : पिलखुवा निवासी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा गिरफ्तार किया गया। हापुड़ से चार आतंकी गिरफ्तार हुए थे, जिन पर पोटा भी लगा था।
-आगरा : जनवरी निवासी मेहरुन्निसा उर्फ ज्योति अक्टूबर 2009 में कोलकाता में गिरफ्तार हुई उसने मेरठ में दर्जनभर एजेंट बनाए।
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