Friday, 9 October 2015

बड़ी रेलवे लाइन का सपना संजोने वाले क्षेत्रवासियों के लिए खुशखबरी

(लखीमपुर): बड़ी रेलवे लाइन का सपना संजोने वाले क्षेत्रवासियों के लिए खुशखबरी है। दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के घने जंगल से होकर गुजरी मैलानी से बहराइच तक करीब 200 किलोमीटर रेलवे लाइन का आमान परिवर्तन करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे के लिए 61 लाख रुपये का बजट भी आवंटित कर दिया गया है।
मैलानी से बहराइच तक छोटी रेलवे लाइन के आमान परिवर्तन करने के लिए रेलवे के अधिकारियों में सुस्ती छाई हुई थी। हालांकि रेलवे लाइन के दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के घने जंगल से होकर निकलने के कारण अड़चने भी काफी थी। बड़ी रेलवे लाइन के अभाव में इस क्षेत्र में औद्योगिक व व्यापारिक विकास आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसी बीच सांसद अजय मिश्र के प्रयास से मैलानी से बहराइच तक ट्रैक को बड़ी रेलवे लाइन में बदलने के लिए शुरू हुए सर्वे कार्य ने निश्चित रूप से क्षेत्रवासियों के सपनों को ऊर्जा दी है।
 मैलानी से बहराइच तक 18 रेलवे स्टेशन पड़ते हैं। इसमें मैलानी व बहराइच के अलावा रिसिया, मटेरा, नानपारा, रायबोझा, मिहीपुरवा, ककरहा रेस्ट हाउस, मूर्तिहा, निशानगाड़ा, बिछिया, मझरापूरब, खैरटिया, तिकुनिया, बेलरायां, दुधवा, पलिया कलां व भीरा स्टेशन हैं। विकास की संभावना तो बढ़ेगी ही यातायात साधनों के मामलों में भी बड़ा बदलाव आएगा। सांसद ने बताया कि सर्वे कार्य पूरा होने के बाद आमान परिवर्तन का काम तेजी से शुरू होगी। उन्होंने बताया कि ट्रेनों के दुधवा नेशनल पार्क के जंगल से गुजरने के कारण रेलवे लाइन हटाई जा रही थी। प्रयास कर इसे रुकवाया गया, इसमें बड़ी सफलता हाथ लगी है। बड़ी लाइन के लिए पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी मिल गया है।
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लखनऊ: लोकसभा के चुनावी समर में युवा ब्रिगेड को चुनाव प्रभारी बनाकर समाजवादी पार्टी ने उन्हें परीक्षा द्वार पर खड़ा कर दिया है। चुनाव में प्रत्याशियों की प्रदर्शन के आधार पर उनका परीक्षाफल तैयार होगा और  भविष्य की सियासी राह भी निर्धारित होगी।  
विधानसभा चुनाव में युवा ब्रिगेड के जोश से उम्मीद की 'साइकिलÓ दौड़ा चुकी समाजवादी पार्टी ने वही नुस्खा लोकसभा चुनाव में भी अपनाया है। युवजन सभा, छात्रसभा, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड, लोहिया वाहिनी के ओहदेदारों,दर्जा प्राप्त युवा राज्य मंत्रियों को 78 लोकसभा का प्रभारी बनाकर चुनावी कमान सौंपी है।
समाजवादी चिंतकों का मानना है कि युवाओं का बड़ा तकबा राजनीतिक विचारों से ज्यादा अपने निजी मुद्दों से प्रभावित होता है। पसंदगी और नापसंदगी का इजहार 'इशू वाइजÓ करता है। उसी आधार पर उसका 'रिस्पांसÓ भी तय होता है। युवा वर्ग के इसी मनोविज्ञान को परख कर समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने युवा ब्रिगेड को चुनाव प्रभारी जैसा बड़ा और जिम्मेदारी भरा ओहदा सौंपा है। सपा के रणनीतिकारों का दावा है कि बसपा व भाजपा के पास यूपी में एक भी युवा चेहरा नहीं है। जबकि समाजवादी पार्टी ने राज्य की कमान युवा अखिलेश यादव को सौप रखी है। जिससे युवा मतदाताओं का भरोसा बढ़ रहा है।
 केवल युवा वोटों की खासी तादाद है बल्कि जिन्हें वोट देना है उनमें भी एक-तिहाई से ज्यादा युवा नेता हैं इसीलिए उत्तर प्रदेश के सियासी महाभारत में  समाजवादी पार्टी ने युवा सेनापतियों के हाथों में ही अपनी-अपनी चुनावी सेनाओं की कमान सौंप दी है।

किनको सौंपी गयी कमान
नईमुल हसन, सुनील ंिसह यादव, मुकेश सिद्धार्थ, कुलदीप उज्जवल, आशू मलिक, नवीन चौधरी, राम  सहाय यादव, मुकेश चौधरी, विनोद सविता, राकेश राना, शिवमूर्ति राना, डा.राजपाल कश्यप , मोहम्मद अब्बास, धनंजय उपाध्याय, जितेन्द्र बाल्मीकि, मो.एबाद, राजा चतुर्वेदी, राम ंिसह राना, राज्यमंत्री पवन पाण्डेय आदि शामिल हैं।

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