परवेज़ अहमद, लखनऊ: प्रदेश की सियासी बयार में तेजी से होते बदलाव को गंभीरता से महसूस कर रही समाजवादी पार्टी ने लोकसभा प्रत्याशियों, संगठन के ओहदेदारों को नैतिक शिक्षा का सबक याद कराने के साथ जीत के गुर बताने की रणनीति तैयार की है। शुरूआत 12 जनवरी को लोकसभा प्रत्याशियों से होगी, उनकी फीडबैक के आधार पर 18 को जिला, प्रदेश संगठन के ओहदेदारों की 'क्लासÓ होगी। और फिर दर्जा प्राप्त लालबत्तीधारियों को उनकी सीमा याद करायी जाएगी।
समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनावों को जीवन-मरण का प्रश्न मानकर तैयारी कर रही है। मगर कानून के साथ खिलवाड़ के कार्यकर्ताओं पर लगते आरोपों से मुखिया मुलायम ंिसह यादव खासे परेशान हैं। गुंडई नहीं करने की चेतावनियों के बेसर होने की शिकायतें आम होने के बाद अब सपा मुखिया ने प्रत्याशियों से फीड़ बैक लेकर संगठन के पदाधिकारियों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाने की रणनीति तैयार की है।
11 जनवरी को झांसी मे ंदेश बनाओ, देश बचाओ रैली के अगले दिन यानी 12 जनवरी को सपा मुखिया ने पार्टी की ओर से लोकसभा के लिए घोषित प्रत्याशियों को तलब किया है। उनसे चुनावी तैयारियों का ब्योरा लेने के साथ ही ससंदीय क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के आचरण की फीड बैक भी ली जाएगी। सूत्रों का कहना है कि सपा मुखिया मुलायम ंिसह यादव और मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव उन प्रत्याशियों को भी नैतिक शिक्षा का सबक याद दिलाएंगे जिन पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और क्षेत्र में दबंगई के आरोप लग रहे हैं। फिर 18 जनवरी को जिलाध्यक्ष, महामंत्रियों, शहर अध्यक्ष, शहर के महामंत्रियो, फ्रन्टल संगठन के पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों और विधानसभा चुनाव में हारे प्रत्याशियों को डॉ.लोहिया के सिद्धांत याद दिलाये जाएंगे। उन्हे नैतिक शिक्षा भी दी जाएगी। कार्यकर्ताओं को सतर्क किया जाएगा कि चुनाव नजदीक आने के साथ ही सांप्रदायिक गोलबंदी होने के आसार हैं। जिसके होशियार रहे। सूत्रों का कहना है कि नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए जो प्रारूप तैयार हो रहा है, उसमें आम आदमी पार्टी के लोगों की सहजता का जिक्र होने के भी संकेत हैं।
सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने स्वीकार किया है कि 12 जनवरी को लोकसभा के लिए घोषित प्रत्याशियों को बुलाया गया है। उन्हें सांप्रदायिक ताकतों की साजिश से सतर्क रहने की हिदायत दी जाएगी और चुनावी तैयारियों की समीक्षा भी होगी। कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया जाएगा।
पछड़ों को सामाजिक न्याय और अति पिछड़ों को अधिकार दिलाने के नाम पर रविवार को सपा की सात दिवसीय सामाजिक न्याय अधिकार यात्रा पार्टी मुख्यालय से निकली। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी सपा की विशेष निगाह इसी समूह पर लगी है और यह न्याय यात्रा उन्हें लुभाने की सुनियोजित पहल है। प्रदेश के कारागार मंत्री और सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सपा पिछड़ों और अति पिछड़ों के बीच सरकार के कार्यों का प्रचार-प्रसार कर उसे वोट में बदलने की जुगत में लगी है। झंडी दिखाने से पहले कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए चौधरी ने पिछड़ों को उनकी ताकत का अहसास कराया। बोले-भारत की कुल जनसंख्या में 56 प्रतिशत भाग पिछड़ी जातियों का है। डॉ. लोहिया ने पिछड़ों को साठ प्रतिशत आरक्षण देने की मांग उठायी थी और इसे मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश में लागू किया। उन्होंने ही 2005 में 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने को शासनादेश जारी किया था, जिसे 2007 में बसपा सरकार ने रद्द कर दिया। अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केन्द्र पर इस सुविधा के लिए दबाव डाला है और प्रदेश में फिर से यह सुविधा लागू की है।
11 को झांसी में होगी पिछडों की रैली : सामाजिक न्याय अधिकार यात्रा पांच जनवरी से उन्नाव, कानपुर नगर, हमीरपुर, बांदा, महोबा, उरई होते हुए 11 जनवरी को झांसी पहुंचेगी। इस दिन सपा विशाल रैली का आयोजन करेगी और इस रैली को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सम्बोधित करेंगे।
न्याय यात्रा का कार्यक्रम निर्धारित : उन्नाव के विभिन्न मार्गों से होते हुए न्याय यात्रा कानपुर नगर पहुंचेगी। छह जनवरी को कानपुर नगर में 11 बजे जनसभा के बाद बिधनू, घाटमपुर होते हुए हमीरपुर पहुंचेगी। सात जनवरी को 11 बजे हमीरपुर में सभा के बाद सुमेरपुर तिंदवारी होते हुए बांदा पहुंचेगी। आठ जनवरी को मटौधा में सभा के बाद 9 जनवरी को यह यात्रा महोबा जाएगी। यहां जनसभा के बाद चरखारी, खरैला, मुसकरा और रांठ होते हुए 10 जनवरी को यह उरई पहुंचेंगी। उरई में सभा के बाद विभिन्न क्षेत्रों से गुजरती हुई यह यात्रा 11 को झांसी पहुंचेगी।
समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनावों को जीवन-मरण का प्रश्न मानकर तैयारी कर रही है। मगर कानून के साथ खिलवाड़ के कार्यकर्ताओं पर लगते आरोपों से मुखिया मुलायम ंिसह यादव खासे परेशान हैं। गुंडई नहीं करने की चेतावनियों के बेसर होने की शिकायतें आम होने के बाद अब सपा मुखिया ने प्रत्याशियों से फीड़ बैक लेकर संगठन के पदाधिकारियों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाने की रणनीति तैयार की है।
11 जनवरी को झांसी मे ंदेश बनाओ, देश बचाओ रैली के अगले दिन यानी 12 जनवरी को सपा मुखिया ने पार्टी की ओर से लोकसभा के लिए घोषित प्रत्याशियों को तलब किया है। उनसे चुनावी तैयारियों का ब्योरा लेने के साथ ही ससंदीय क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के आचरण की फीड बैक भी ली जाएगी। सूत्रों का कहना है कि सपा मुखिया मुलायम ंिसह यादव और मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव उन प्रत्याशियों को भी नैतिक शिक्षा का सबक याद दिलाएंगे जिन पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और क्षेत्र में दबंगई के आरोप लग रहे हैं। फिर 18 जनवरी को जिलाध्यक्ष, महामंत्रियों, शहर अध्यक्ष, शहर के महामंत्रियो, फ्रन्टल संगठन के पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों और विधानसभा चुनाव में हारे प्रत्याशियों को डॉ.लोहिया के सिद्धांत याद दिलाये जाएंगे। उन्हे नैतिक शिक्षा भी दी जाएगी। कार्यकर्ताओं को सतर्क किया जाएगा कि चुनाव नजदीक आने के साथ ही सांप्रदायिक गोलबंदी होने के आसार हैं। जिसके होशियार रहे। सूत्रों का कहना है कि नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए जो प्रारूप तैयार हो रहा है, उसमें आम आदमी पार्टी के लोगों की सहजता का जिक्र होने के भी संकेत हैं।
सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने स्वीकार किया है कि 12 जनवरी को लोकसभा के लिए घोषित प्रत्याशियों को बुलाया गया है। उन्हें सांप्रदायिक ताकतों की साजिश से सतर्क रहने की हिदायत दी जाएगी और चुनावी तैयारियों की समीक्षा भी होगी। कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया जाएगा।
पछड़ों को सामाजिक न्याय और अति पिछड़ों को अधिकार दिलाने के नाम पर रविवार को सपा की सात दिवसीय सामाजिक न्याय अधिकार यात्रा पार्टी मुख्यालय से निकली। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी सपा की विशेष निगाह इसी समूह पर लगी है और यह न्याय यात्रा उन्हें लुभाने की सुनियोजित पहल है। प्रदेश के कारागार मंत्री और सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सपा पिछड़ों और अति पिछड़ों के बीच सरकार के कार्यों का प्रचार-प्रसार कर उसे वोट में बदलने की जुगत में लगी है। झंडी दिखाने से पहले कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए चौधरी ने पिछड़ों को उनकी ताकत का अहसास कराया। बोले-भारत की कुल जनसंख्या में 56 प्रतिशत भाग पिछड़ी जातियों का है। डॉ. लोहिया ने पिछड़ों को साठ प्रतिशत आरक्षण देने की मांग उठायी थी और इसे मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश में लागू किया। उन्होंने ही 2005 में 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने को शासनादेश जारी किया था, जिसे 2007 में बसपा सरकार ने रद्द कर दिया। अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केन्द्र पर इस सुविधा के लिए दबाव डाला है और प्रदेश में फिर से यह सुविधा लागू की है।
11 को झांसी में होगी पिछडों की रैली : सामाजिक न्याय अधिकार यात्रा पांच जनवरी से उन्नाव, कानपुर नगर, हमीरपुर, बांदा, महोबा, उरई होते हुए 11 जनवरी को झांसी पहुंचेगी। इस दिन सपा विशाल रैली का आयोजन करेगी और इस रैली को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सम्बोधित करेंगे।
न्याय यात्रा का कार्यक्रम निर्धारित : उन्नाव के विभिन्न मार्गों से होते हुए न्याय यात्रा कानपुर नगर पहुंचेगी। छह जनवरी को कानपुर नगर में 11 बजे जनसभा के बाद बिधनू, घाटमपुर होते हुए हमीरपुर पहुंचेगी। सात जनवरी को 11 बजे हमीरपुर में सभा के बाद सुमेरपुर तिंदवारी होते हुए बांदा पहुंचेगी। आठ जनवरी को मटौधा में सभा के बाद 9 जनवरी को यह यात्रा महोबा जाएगी। यहां जनसभा के बाद चरखारी, खरैला, मुसकरा और रांठ होते हुए 10 जनवरी को यह उरई पहुंचेंगी। उरई में सभा के बाद विभिन्न क्षेत्रों से गुजरती हुई यह यात्रा 11 को झांसी पहुंचेगी।
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