-निर्यात किए जाने वाले गोश्त पर दिया बयान
लखनऊ : 'व्यंग्य बाणोंÓ से विवादित रहने वाले मंत्री आजम खां ने निर्यात किए जाने वाला हलाल का गोश्त न होने की बात कह कर नया विवाद शुरू कर दिया है। इस विवादित मसले को लेकर मुस्लिमों के एक वर्ग में आक्रोश है।
मंत्री आजम खां जब-तब ऐसे जुमले उछालते रहे हैं, जो सरकार को मुश्किल में फंसता रहते है। कभी करगिल की लड़ाई को लेकर, कभी डीजीपी को खत लिखकर मुसलमानों के खौफ में जीने की बात, कभी बकरीद पर कुर्बानी से रोके जाने का बयान समाजवादी सरकार के लिए मुश्किलें पैदा करता रहा है। दादरी के बिसाहड़ा में इकलाख की हत्या का मसला यूएन ले जाने के उनके बयान ने भी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी थीं, अब आजम खां ने निर्यात होने वाला गोश्त हलाल नहीं होने का बयान देकर नई बहस खड़ी कर रही है।
बुधवार को उन्होंने कानपुर में कहा कि स्लाटर हाउस में जिस तरह झटका दे कर जानवरों का गोश्त निकाला जाता है, वह इस्लामी तौर-तरीके के खिलाफ है। यह पूरी तरह हराम है। यही गोश्त बाहर निर्यात होता है।
स्लाटर हाउस में जानवरों के कत्ल का वीडियो दिखाते हुए नगर विकास मंत्री आजम ने कहा था कि यह दृश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नजर नहीं आ रहा है। यह तस्वीर तो प्रोजेक्टर लगाकर लोगों को दिखानी चाहिए ताकि वह भी जान सकें कि स्लाटर हाउस में किस तरह से जानवरों का कत्ल हो रहा है? आजम ने मुसलमानों को गोश्त खाना छोडऩे की सलाह भी दी, उनके बयान का सबब कुछ भी रहा हो लेकिन इससे नई बहस जरूर शुरू हो गई है।
दरअसल भारत गोश्त का सबसे बड़ा निर्यातक है। कई सौ टन मांस प्रतिदिन निर्यात किया जाता है। ऐसे में आजम खां के इस बयान से नई बहस शुरू हो गई है। कई स्लाटर हाउस के संचालकों का कहना है कि इस तरह के बयान व्यापार बंद कराने की साजिश है।
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आजम के बयान को बताया सियासी
कानपुर : मांस व्यवसायी सुलेमान ने आजम के इस बयान को पूरी तरह सियासी मसला बताया। उन्होंने कहा कि देश के कई स्लाटर हाउस में जानवरों से गोश्त निकालने की प्रक्रिया पूरी तरह इस्लामी है। आजम इसे सियासी चोला पहनाकर राजनीति गरमाना चाहते हैं। उद्यमियों को चाहिए कि ऐसे बयानों पर ध्यान न दें और अपना काम करें।
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वकीलों ने जताई नाराजगी
कानपुर : वकीलों ने गुरुवार को नगर विकास मंत्री आजम खां को कचहरी स्थित शताब्दी गेट पर प्रतीकात्मक अदालत लगाकर दोषी करार देते हुए सजा सुना दी। वकीलों ने बुधवार को आजम खां द्वारा दिए गए बयान पर यह नाराजगी जताई है। वकीलों ने आजम पर देश में हिंदु-मुस्लिम के बीच वैमनस्यता फैलाने और भारत के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) जाकर देश का बंटवारा करने का आरोप लगाया।
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