Saturday, 13 February 2016

वर्ष २०१२- के बाद दुनिया छोड़ने वाले सपा के नेताः एक और समाजवादी नहीं रहा

नौ फरवरी सपा २०१६
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एक और समाजवादी नहीं रहा
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नोट: दो और विधायकों के नाम जोड़े गये हैं।
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नोट : सेंट्रल डेस्क से जारी खबर-उत्तर प्रदेश के मंत्री का मेदांता में निधन, के साथ पैकेज करें।
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-समाजवादी पार्टी ने चार साल में दस नेता खोये
-मुख्यमंत्री अखिलेश, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह ने जताया दुख
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : पंचायतीराज मंत्री कैलाश यादव का निधन समाजवादी पार्टी के लिए दसवां झटका है। चार साल के अंतराल में पार्टी ने चार मंत्री, चार विधायक, दो राज्यसभा सदस्य खोये हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव व शिवपाल यादव ने मंत्री कैलाश यादव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
समाजवादी सरकार के सत्ता संभालने के एक माह बाद ही राज्यसभा सदस्य व समाजवादी चिंतक बृजभूषण तिवारी का निधन हो गया। कुछ माह बादखेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री कामेश्वर उपाध्याय स्वर्गवासी हो गए। सितंबर 2013 में पार्टी के रणनीतिकार व राज्यसभा सदस्य मोहन सिंह का निधन हो गया। नवंबर 2013 में पूर्व मंत्री व रानीगंज के विधायक राजाराम पाण्डेय का निधन हो गया। अगस्त 2015 में नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप का निधन हुआ। उसके एक माह बाद कम्युनिस्ट आंदोलन से सियासत में आये और बीकापुर से समाजवादी विधायक मित्रसेन यादव का निधन हो गया। पार्टी इस गम से उबर पाती है, उसे पहले अक्टूबर 2015 में ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री राजेन्द्र सिंह राणा का देहांत हो गया। इससे पहले दिसंबर 2013 में फतेहपुर सदर के विधायक कासिम हसन और फिर उन्नाव के विधायक दीपक कुमार का निधन हुआ था।
अब मंगलवार को पार्टी के पंचायतीराज मंत्री कैलाश यादव का भी साथ छूट गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व सपा  अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने इसे पार्टी की अपूर्णनीय क्षति ठहराया है। विधान परिषद के सभापति ओम प्रकाश, विधानसभा के अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, मंत्री आजम खां, मनोज पाण्डेय, शाहिद मंजूर, इकबाल महमूद, अरविंद सिंह गोप ने भी कैलाश  यादव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
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ग्राम प्रधान से शुरू किया राजनीतिक सफर
जासं, गाजीपुर : सदर कोतवाली के जैतपुरा गांव में किसान लुट्टू यादव व मतिया देवी के घर 10 जुलाई 1951 में कैलाश यादव का जन्म हुआ। स्नातक करने के बाद वह सक्रिय राजनीति में कूदे। 1988 में अपने गांव के प्रधान चुने गए। इसके बाद समाजवादी पार्टी में सक्रिय हो गए। वर्ष 1996 में वह जिला पंचायत का चुनाव जीते। इसी वर्ष विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर शानदार जीत दर्ज कर विधायक बने। 2003 में दोबारा विधायक बन मुलायम सरकार में राजस्व व औद्यौगिक विकास मंत्री बने। 2007 में विधान सभा चुनाव हारने के बाद वह 2012 में तीसरी बार बतौर विधायक चुने गए। अखिलेश सरकार में पहले उन्हें खादी ग्रामोद्योग मंत्री फिर कुछ दिनों बाद पंचायतीराज मंत्रालय सौंपा दिया गया था। उनके निधन की खबर से जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
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