११ फरवरी २०१६
अमर पर 'दिल डिप्लोमेसी
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-शिवपाल बोले-'ये दिल है, दिल का क्या कहिएÓ
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लखनऊ : आंदोलनों, बलिदानों का हरदम गीत गुनगुनाने वाली समाजवादी पार्टी राज्यसभा के पूर्व सदस्य अमर सिंह को लेकर 'दिल डिप्लोमेसीÓ की राह चल रही है। पार्टी में नहीं होने के बावजूद लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल यादव की सालगिरह के बधाई पोस्टरों में अमर सिंह की प्रमुखता से मौजूदगी के सवाल पर शिवपाल ने भी कह दिया-'ये दिल है, दिल का क्या कहिए, किसी पर भी आ सकता है।Ó
दो फरवरी 2010 को पार्टी से निकाले जाने के बाद राज्यसभा के पूर्व सदस्य अमर सिंह अक्टबूर 2014 में सपा के मंच पर नजर आए थे। तब उन्होंने कहा था कि 'मुलायम के व्यक्तिगत आमंत्रण पर आया हूं।Ó उसके बाद कुछ-कुछ समय के अंतराल में अमर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मंत्री शिïवपाल यादव से मिलते रहे, लिहाजा पार्टी में उनके शामिल होने को लेकर कयासों का दौर भी चलता रहा।
बीती 29 जनवरी को इटावा में मुलायम ने कहा, 'अमर सिंह भले दल में नहीं हैं, मगर मेरे दिल में बसे हैं। पार्टी से उन्हें निकाल दिया था, मगर दिल से नहीं निकाला है।Ó अगले ही दिन अखिलेश ने कन्नौज में कहा कि 'नेताजी ने कह दिया है कि अमर सिंह दिल में हैं तो फिर वह दिल में हैं।Ó अब गुरुवार को सपा मुख्यालय में 'भावों के वातायन से-शिवपाल सिंहÓ शीर्षक पुस्तक के विमोचन के दौरान शिवपाल से सवाल हुआ कि आपको जन्मदिन की बधाई देती होर्डिंगों में अमर प्रमुखता से हैं मगर आजम गायब हैं? आजम के हिस्से का सवाल टालते हुए जवाब आया कि 'वह दिल में हैं।Ó जाहिर है, पहले दिल फिर होर्डिंग से होते हुए अमर को दल में दाखिल कराने की राह बनायी जा रही है।
अमर पर 'दिल डिप्लोमेसी
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-शिवपाल बोले-'ये दिल है, दिल का क्या कहिएÓ
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लखनऊ : आंदोलनों, बलिदानों का हरदम गीत गुनगुनाने वाली समाजवादी पार्टी राज्यसभा के पूर्व सदस्य अमर सिंह को लेकर 'दिल डिप्लोमेसीÓ की राह चल रही है। पार्टी में नहीं होने के बावजूद लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल यादव की सालगिरह के बधाई पोस्टरों में अमर सिंह की प्रमुखता से मौजूदगी के सवाल पर शिवपाल ने भी कह दिया-'ये दिल है, दिल का क्या कहिए, किसी पर भी आ सकता है।Ó
दो फरवरी 2010 को पार्टी से निकाले जाने के बाद राज्यसभा के पूर्व सदस्य अमर सिंह अक्टबूर 2014 में सपा के मंच पर नजर आए थे। तब उन्होंने कहा था कि 'मुलायम के व्यक्तिगत आमंत्रण पर आया हूं।Ó उसके बाद कुछ-कुछ समय के अंतराल में अमर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मंत्री शिïवपाल यादव से मिलते रहे, लिहाजा पार्टी में उनके शामिल होने को लेकर कयासों का दौर भी चलता रहा।
बीती 29 जनवरी को इटावा में मुलायम ने कहा, 'अमर सिंह भले दल में नहीं हैं, मगर मेरे दिल में बसे हैं। पार्टी से उन्हें निकाल दिया था, मगर दिल से नहीं निकाला है।Ó अगले ही दिन अखिलेश ने कन्नौज में कहा कि 'नेताजी ने कह दिया है कि अमर सिंह दिल में हैं तो फिर वह दिल में हैं।Ó अब गुरुवार को सपा मुख्यालय में 'भावों के वातायन से-शिवपाल सिंहÓ शीर्षक पुस्तक के विमोचन के दौरान शिवपाल से सवाल हुआ कि आपको जन्मदिन की बधाई देती होर्डिंगों में अमर प्रमुखता से हैं मगर आजम गायब हैं? आजम के हिस्से का सवाल टालते हुए जवाब आया कि 'वह दिल में हैं।Ó जाहिर है, पहले दिल फिर होर्डिंग से होते हुए अमर को दल में दाखिल कराने की राह बनायी जा रही है।
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