लखनऊ. प्रदेश में तीन खाली विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इन सीटों पर पार्टी के पूर्व में विधायक और मंत्री रह चुके सदस्यों के दिवंगत होने के बाद उनके परिवार के सदस्यों को मैदान में उतारा गया है।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। मुजफ्फरनगर से गौरव स्वरूप पुत्र चितरंजन स्वरूप, देवबंद से मीना सिंह पत्नी राजेंद्र सिंह राणा और फैजाबाद की बीकापुर सीट से आनंदसेन यादव पुत्र मित्रसेन यादव को टिक दिया गया है। गौरव स्वरूप पूर्व नगर विकास राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप के बेटे हैं। मीना सिंह पूर्व ग्रामीण अभियांत्रिकी राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह राणा की पत्नी हैं।
देवबंद सीट से दूसरी बार विधायक थे राजेंद्र सिंह राणा
लंबे अरसे से कैंसर से जूझ रहे प्रदेश के ग्रामीण अभियांत्रिकी राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह राणा का निधन 27 अक्टूबर को हुआ था। राणा देवबंद, सहारनपुर से विधायक थे। वह पहली बार 2002 और फिर दूसरी बार 2012 में विधायक बने थे। निधन के वक्त राणा यूपी तलवारबाजी संघ के अध्यक्ष और भारतीय तलवारबाजी संघ के महासचिव भी थे। उनके निधन के बाद से यह सीट खाली चल रही थी।
तीन बार विधायक रहे चितरंजन स्वरूप
उत्तर प्रदेश के पूर्व संसदीय कार्य राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप का लंबी बीमारी के बाद 15 अगस्त 2015 को निधन हो गया था। स्वरूप (69) मुजफ्फरनगर से तीन बार विधायक रह चुके हैं। पहली बार विधायक 1974 में कांग्रेस के टिकट पर चुने गए थे। फिर 2002 और 2012 में सपा के टिकट पर चुने गए। प्रदेश की मौजूदा सरकार में उनके पास वक्फ, शहरी विकास, जलापूर्ति, शहरी रोजगार और गरीबी उन्मूलन, संपूर्ण शहरी विकास और अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज विभाग का प्रभार था।
पांच बार विधायक और तीन बार सांसद रहे मित्रसेन यादव
समाजवादी पार्टी के बुजुर्ग विधायक मित्रसेन यादव का निधन 7 सितंबर2015 को हुआ था। निधन के वक्त वह 81 वर्ष के थे। वह फैजाबाद की बीकापुर सीट से सपा के विधायक थे। मित्रसेन वर्ष 1977 में पहली बार विधायक चुने गये ए। वह पांच बार विधायक और तीन बार सांसद भी रह चुके थे।
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