Friday, 15 January 2016

असंतुष्टों को साधने में जुटी सपा

असंतुष्टों को साधने में जुटी सपा

-जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव
-33 सीटों पर निर्विरोध जीत सुनिश्चित करने से उत्साहित सपा ने टक्कर वाले जिलों में नियुक्त किये प्रभारी
-परिवार के सदस्यों की निर्विरोध जीत सुनिश्चित करा चुके मंत्रियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गयी


राज्य ब्यूरो, लखनऊ: जिला पंचायत अध्यक्ष की 74 कुर्सियों में से 33 पर बिना संघर्ष कब्जा करने के बाद समाजवादी पार्टी ने अब बची सीटों पर निगाहें टिका दी हैं। असंतुष्ट व बगावत की राह पर चल पड़े नेताओं को थामने के लिए संचालन समिति बनायी गयी है। परिवार के सदस्यों की निर्विरोध जीत सुनिश्चित कर चुके मंत्रियों को टक्कर वाले जिलों का प्रभारी बनाया गया है।
समाजवादी पार्टी के लिए सबसे बड़ी मुश्किल गोरखपुर, उन्नाव, बिजनौर, सीतापुर, बांदा, महराजगंज, इलाहाबाद और बरेली की सीटें खासी चुनौती पूर्ण हैं। दरअसल इन जिलों में समाजवादी पार्टी के ही दिग्गज घोषित प्रत्याशी से कन्नी काटे हुए हैं। सीतापुर, बिजनौर, गोरखपुर, उन्नाव में प्रभावशाली पार्टी नेता बगावत की राह पर चलने से हिचक नहीं रहे हैं। जमीनी सच्चाई से वाकिफ पार्टी के रणनीतिकारों ने चुनाव के प्रभारी शिवपाल यादव की देखरेख में एक चुनाव संचालन समिति भी बनायी है। जिसमें प्रदेश सचिव व एमएलसी एसआरएस यादव, मंत्री अरविंद सिंह गोप, मंत्री राजकिशोर सिंह, मंत्री विनोद कुमार सिंह पंडित सिंह, मंत्री गायत्री प्रजापति को लगाया गया है।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव पर पैनी नजर रखे हुए हैं, वह सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव व प्रभारी शिवपाल यादव से दिन में दो-दो बार रिपोर्ट जुटा रहे हैं। इस बीच शिवपाल यादव ने उन्नाव, सीतापुर और गोरखपुर में बगावत का बिगुल फूंक रहे पार्टी नेताओं को लखनऊ बुलाकर बातचीत की है। सूत्रों का कहना है कि सबसे ज्यादा पढ़ी लिखी व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से सपा प्रत्याशी अपराजिता सोनकर को भाजपा प्रत्याशी से खासी चुनौती मिल रही है। यहां राज्य सरकार के एक मंत्री पार्टी प्रत्याशी का अंदरुनी विरोध कर रहे हैं।
महराजगंज में भाजपा तो इलाहाबाद में बसपा व अपना दल सपा के मुकाबिल हैं। बरेली में सपा प्रत्याशी को अपने ही पार्टी के लोगों से चुनौती मिल रही है। सपा सूत्रों का कहना है कि इन स्थितियों से पार्टी के रणनीतिकार अच्छी तरह वाकिफ हैं, दुश्वारियों से उबरने के लिए चुनाव संचालन समिति बनायी गयी है। मंत्री व पंचायत चुनाव की कमान संभाल रहे शिवपाल यादव का कहना है कि मतदान की तिथि करीब आते-आते सभी जिलों में स्थितियां संभल जाएंगी। नाराज सदस्यों व कार्यकर्ताओं की बात सुनी जा रही है। उन्हें समझाया भी जा रहा कि पार्टी के घोषित प्रत्याशी का विरोध अनुशासन हीनता है। और अनुशासनहीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई में हिचक नह होगी।

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