Friday, 15 January 2016

मंत्रियों, विधायकों की कारगुजारी से दुखी हूं: मुलायम

01.01.2016

मंत्रियों, विधायकों की कारगुजारी से दुखी हूं: मुलायम

नए साल की शुभकामना देने जुटे समर्थकों के सामने अधिकारियों, मंत्रियों, विधायकों को सुनाई खरी-खोटी
-मार्च से दिखने लगेगा चुनावी रंग, कार्यकर्ता तैयारी में जुटें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : अंग्रेजी साल की पहली सुबह का मौसम खुशगवार था, मगर मुबारकबाद स्वरूप फूलों के गुलदस्ते स्वीकारते समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के तेवर तल्ख थे, और बोलने खड़े हुए तो मंत्रियों, एमएलसी, विधायकों और अधिकारियों पर जमकर बरसे। कहा कि कई मंत्री, विधायक मौजमस्ती कर रहे हैं। एमएलसी खुद को 'राजा-महाराजाÓ से कम नहीं समझते। इससे बहुत दुखी हूं। जोड़ा कि मार्च से चुनावी रंग दिखने लगेगा जिसकी तैयारी में अभी से जुटना होगा।
पहली जनवरी की सुबह समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में समर्थकों से मुलाकात के बाद मुलायम ने कहा कि वह जानते हैं कि ओहदों पर बैठे लोग इसे अपने हितों की सरकार समझ रहे हैं जबकि यह जनता की सरकार है। जनता के हित देखना उसका पहला काम है।
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पंचम तल पर भी निशाना
मुलायम ने कहा कि वह जब मुख्यमंत्री थे तब सुबह 11 बजे एनेक्सी पहुंच जाते थे। काम जल्दी निपट जाता था। लोगों से मिल भी लेते थे। मुख्यमंत्री एनेक्सी कम जाते हैं। पंचम तल (मुख्यमंत्री सचिवालय) में तैनात अफसर तो कार्यालय में बैठते ही नहीं। सरकार की प्राथमिकता वाली पत्रावलियां बैरंग लौटाते हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र की फाइलें लौटाई जा रहीं जबकि सरकार 'मुफ्त दवाईÓ व चिकित्सा क्षेत्र की तरक्की का प्रयास कर रही है। मुलायम यहीं नहीं रुके बोले, मंत्री, विधायक लोगों से मिलते नहीं, उनके काम नहीं करते और मुख्यमंत्री लोगों से मिलते ही रहते हैं। इससे काम के लिए वक्त नहीं बचता।
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मंत्री, विधायक पार्टी कार्यालयों में बैठेंगे
मुलायम ने कहा कि संगठन सबसे ऊपर है। जिला इकाई मजबूत होगी तभी पार्टी की नीति लागू होगी। जिलाध्यक्ष मंत्रियों, विधायकों केचक्कर लगाने में लिप्त हो गए तो कुछ ठीक नहीं होगा। मुलायम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सच्चाई बताने में डरे नहीं। डरना है तो सिर्फ उनसे डरें गड़बड़ी की शिकायत करें चाहे जिसकी भी हो। उनका कोई नुकसान नहीं कर सकता, मैं संभालूंगा। कहा कि  विधायक व मंत्री हफ्ते में चार घंटे पार्टी कार्यालय में बैठें, यह सुनिश्चित होगा। वह सबको पत्र लिखेंगे।
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किसानों पर जुल्म से हारी सीपीएम
मुलायम ने कहा कि गरीबों, किसानों, अल्पसंख्यकों को न्याय दिलाने के चलते सीपीएम ने 34 साल पश्चिम बंगाल में राज किया। नीति बदली और एक उद्योगपति के पक्ष में किसानों पर गोली चलवा दी तो जनता ने उन्हें सत्ता से उखाड़ फेंका। उत्तर प्रदेश में किसानों की समस्याओं को सुलह के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार को कह दिया है कि किसानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। यही ऐसा प्रदेश है जहां पढ़ाई और दवाई मुफ्त है। सपा किसी को इलाज के अभाव में मरने नहीं देगी। सरकार नहीं सुने तो उनके पास ले आओ।
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कार्यकर्ताओं को झिड़का, गाना भी सुना
लंबे समय के बाद मुलायम सिंह यादव पार्टी मुख्यालय में अपने चिर-परिचित अंदाज में दिखे। गन्ने की कीमत और बीपीएल कार्ड को लेकर पूछे गये सवाल उठाने पर एक कार्यकर्ता को झिड़की देते हुए, उसकी बात सुनी जाएगी। मेरी पूरी होने दो। भाषण के बीच में कार्यकर्ताओं की टोकाटाकी पर डांटते भी रहे। आखिर में बोले कि किसी को गाना आता हो तो सुनाये आकर। जसवंतनगर के  देवेन्द्र कुमार यादव ने तीन गाने सुनाये तो तो मुलायम ने जेब से दस हजार रुपये निकाल कर उसे इनाम के रूप में दिया। इस दौरान मंत्री शिवपाल यादव, मंत्री अहमद हसन,एमएलसी डॉ.मधु गुप्ता. महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी, सदस्य डॉ.श्वेता सिंह व शीला समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
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मंत्री ने 15 दिन चेहरा नहीं दिखाया
नए साल की शुरुआत में तेवर में नजर आ रहे मुलायम ने समर्थकों से सवाल किया कि अगला चुनाव जीतना है कि नहीं? जीतना है तो तैयारी शुरू कर दो। पिछला चुनाव कम खर्च में जीत कर दिखाया। साइकिल चलाकर चुनाव जीता गया। चुनाव जीतना है तो गरीबों की मदद करनी होगी। गरीबों के साथ खड़ा होना होगा। इलाज के पैसे नहीं है तो मेरे पास भेजो, मैं दिल्ली भेजकर इलाज कराऊंगा। एक मंत्री का जिक्र करते हुए उन्होंने एक गरीब को छह दिन घर में रखा मगर उसको मुख्यमंत्री व मुझसे नहीं मिलवाया। वह खुद मुझसे मिलने आया। मैने पूछा तो बोला कि केवल दस हजार दे दीजिए, इलाज हो जाएगा। डीएम से बात कर सच्चाई जानी और उसकी मदद करायी। तब उन मंत्री साहब ने पन्द्रह दिन मुझे शक्ल नहीं दिखाई। बाद में मैने मंत्री को डांटा भी था।
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