२८.१२.२०१३
जागरण ब्यूरो, लखनऊ: नया साल राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी का साल होने के आसार हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश की तर्ज पर मातृ एवं शिशु चिकित्सा सुविधा के लिए 'कॉल 102 एम्बुलेंसÓ शुरू होगी। मुफ्त एक्स-रे के साथ ही बड़े सरकारी चिकित्सालयों में सुपर स्पेशियलिटी इकाइयां स्थापित होंगी। पीएचसी, सीएचसी में चौबीसो घण्टों इमरजेसी सेवाएं देने की भी तैयारी है।
समय से इलाज के अभाव में राज्य में हर साल 16 हजार गर्भवती दम तोड़ देती हैं। ऐसी महिलाओं को समय से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार एनआरएचएम (राष्ट्रीय ग्र्रामीण स्वास्थ्य मिशन) के धन से डॉयल 102 एम्बुलेंस सेवा शुरू करने जारी है। इस योजना के तहत राज्य में 1972 एम्बुलेंस चलायी जाएंगी। एम्बुलेंस में जीवन रक्षक दवाओं के साथ प्रसूति कराने में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट और आशा बहू भी तैनात रहेगी। सूचना मिलने के 30 मिनट के अन्दर यह एम्बुलेंस गर्भवती महिला को नजदीकी चिकित्सालय तक पहुंचाएगी। प्रसव के बाद उसे घर भी छोड़ेगी। डॉक्टरों का मानना है कि इससे मातृ-शिशु मृत्यु दर में गिरावट आएगी। क्योंकि 40 फीसद मौत समय से ट्रांसपोर्ट की सुविधा न मिल पाने से होती है।
स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन कहना है कि वह सरकारी चिकित्सालयों में मुफ्त एक्सरे के साथ ही आशा बहुओं को मोबाइल की सुविधा भी जल्द ही उपलब्ध करा देंगे। कुछ बड़े चिकित्सालयों में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधा के लिए इकाइयां स्थापित करने की तैयारी हैं। इस साल ये इकाइयां स्थापित हो जाएंगी। लखनऊ समेत पांच जिलों में दो-दो सौ बिस्तरों वाले चिकित्सालयों की स्थापना का कार्य भी इस साल पूरा जाएगा। यानी नया साल चिकित्सा सुविधाओं की बेहतरी का साल होगा।
तथ्य
-प्रदेश में हर से 16000 गर्भवती महिलाओं की मौत होती है, जिनमें से 40 फीसद की समय से ट्रांसपोर्ट की सुविधा न मिलने से मौत होती है।
-जन्म लेने वाले एक हजार बच्चों में से 53 की मृत्यु हो जाती है।
- 40 फीसद बच्चे कुपोषण के शिकार होते हैं
-औसतन साल में 51 लाख बच्चों का जन्म होता है।
उम्मीदें
-102 नम्बर डॉयल करने के 30 मिनट के अन्दर गर्भवती को नजदीकी चिकित्सालय में पहुंचा दिया जाएगा।
-सरकार आशा बहुओं (कार्यकत्रियों ) को सीयूजी मोबाइल की सुविधा उपलब्ध करा देगी।
-लखनऊ समेत पांच जिलों में 200 बिस्तरों के चिकित्सालय शुरू हो जाएंगे।
-सरकारी चिकित्सालयों में एमसीएच (आपरेशन की विशेषज्ञ सुविधा) शाखा स्थापित होने के आसार
-जरूरतमंद मरीज को मुफ्त एक्स-रे की सुविधा की तैयारी
-पीएचसी, सीएचसी में 24 घण्टे की इमरजेंसी सेवा की उम्मीद
जागरण ब्यूरो, लखनऊ: नया साल राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी का साल होने के आसार हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश की तर्ज पर मातृ एवं शिशु चिकित्सा सुविधा के लिए 'कॉल 102 एम्बुलेंसÓ शुरू होगी। मुफ्त एक्स-रे के साथ ही बड़े सरकारी चिकित्सालयों में सुपर स्पेशियलिटी इकाइयां स्थापित होंगी। पीएचसी, सीएचसी में चौबीसो घण्टों इमरजेसी सेवाएं देने की भी तैयारी है।
समय से इलाज के अभाव में राज्य में हर साल 16 हजार गर्भवती दम तोड़ देती हैं। ऐसी महिलाओं को समय से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार एनआरएचएम (राष्ट्रीय ग्र्रामीण स्वास्थ्य मिशन) के धन से डॉयल 102 एम्बुलेंस सेवा शुरू करने जारी है। इस योजना के तहत राज्य में 1972 एम्बुलेंस चलायी जाएंगी। एम्बुलेंस में जीवन रक्षक दवाओं के साथ प्रसूति कराने में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट और आशा बहू भी तैनात रहेगी। सूचना मिलने के 30 मिनट के अन्दर यह एम्बुलेंस गर्भवती महिला को नजदीकी चिकित्सालय तक पहुंचाएगी। प्रसव के बाद उसे घर भी छोड़ेगी। डॉक्टरों का मानना है कि इससे मातृ-शिशु मृत्यु दर में गिरावट आएगी। क्योंकि 40 फीसद मौत समय से ट्रांसपोर्ट की सुविधा न मिल पाने से होती है।
स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन कहना है कि वह सरकारी चिकित्सालयों में मुफ्त एक्सरे के साथ ही आशा बहुओं को मोबाइल की सुविधा भी जल्द ही उपलब्ध करा देंगे। कुछ बड़े चिकित्सालयों में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधा के लिए इकाइयां स्थापित करने की तैयारी हैं। इस साल ये इकाइयां स्थापित हो जाएंगी। लखनऊ समेत पांच जिलों में दो-दो सौ बिस्तरों वाले चिकित्सालयों की स्थापना का कार्य भी इस साल पूरा जाएगा। यानी नया साल चिकित्सा सुविधाओं की बेहतरी का साल होगा।
तथ्य
-प्रदेश में हर से 16000 गर्भवती महिलाओं की मौत होती है, जिनमें से 40 फीसद की समय से ट्रांसपोर्ट की सुविधा न मिलने से मौत होती है।
-जन्म लेने वाले एक हजार बच्चों में से 53 की मृत्यु हो जाती है।
- 40 फीसद बच्चे कुपोषण के शिकार होते हैं
-औसतन साल में 51 लाख बच्चों का जन्म होता है।
उम्मीदें
-102 नम्बर डॉयल करने के 30 मिनट के अन्दर गर्भवती को नजदीकी चिकित्सालय में पहुंचा दिया जाएगा।
-सरकार आशा बहुओं (कार्यकत्रियों ) को सीयूजी मोबाइल की सुविधा उपलब्ध करा देगी।
-लखनऊ समेत पांच जिलों में 200 बिस्तरों के चिकित्सालय शुरू हो जाएंगे।
-सरकारी चिकित्सालयों में एमसीएच (आपरेशन की विशेषज्ञ सुविधा) शाखा स्थापित होने के आसार
-जरूरतमंद मरीज को मुफ्त एक्स-रे की सुविधा की तैयारी
-पीएचसी, सीएचसी में 24 घण्टे की इमरजेंसी सेवा की उम्मीद
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