1 june
'अल्पसंख्यकों को रोजगार परक शिक्षा से जोडऩे की जरूरतÓ
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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गयरूल रिजवी ने राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की
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लखनऊ : राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को रोजगारपरक शिक्षा के जरियेसमाज की मुख्यधारा से जोडऩे की जरूरत है। अल्पसंख्यक आयोग इसमें प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
उन्होने ये बातें गुुरुवार को शिष्टाचार मुलाकात के लिए राजभवन पहुंचे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गयरूल हसन रिजवी से कही। केन्द्र सरकार ने 27 मई को उन्हें आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
रिजवी को मुबारकबाद देते राज्यपाल ने कहा कि प्रसन्नता की बात यह है कि वह उत्तर प्रदेश के निवासी हैैं और यहां के अल्पसंख्यक समाज की समस्याएं करीब से जानते हैैं। संवाद के जरिये उन समस्याओं का आसानी से निदान कर सकते हैैं। नाईक ने कहा कि केन्द्रीय व राज्य अल्पसंख्यक आयोगसमन्वय से समाज को लाभ पहुंचा सकता है। आयोग की नीतियों का प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि समाज जुड़ाव महसूस करे। केन्द्र व राज्य की ढेरों ऐसी योजनायें हैं जिससे ऐसे समाज को सीधे लाभ मिल सकता है। अल्पसंख्यकों के लिए केन्द्र सरकार को योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में भी आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्यपाल ने गयरूल हसन को अपनी पुस्तक 'चरैवेति! चरैवेति!!Ó की उर्दू प्रति भेंट की। दूसरी ओर राष्ट्रवादी मुस्लिम सभा ने गयरूल को अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाये जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार प्रकट किया है।
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१६ june
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बड़ों तक पहुंचेगी वक्फ घोटाले की जांच की आंच
-केंद्रीय वक्फ काउंसिल के सदस्य एजाज रिजवी की जांच से गड़बडिय़ों से हुआ था खुलासा
-शिया वक्फ बोर्ड के छह नामित सदस्यों की बर्खास्तगी का आदेश जारी
लखनऊ : शिया व सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर बिल्डरों, ठेकेदारों के कब्जों की सीबीआइ जांच की आंच पूर्व मंत्री, धर्म गुरु और कई नौकरशाहों तक पहुंचने की संभावना है। दूसरी ओर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने शुक्रवार को शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पांच नामित सदस्यों की बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया।
शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड में व्यापक भ्रष्टाचार का खुलासा सेंट्रल वक्फ काउंसिल के सदस्य एजाज रिजवी ने अपनी जांच रिपोर्ट में किया था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां केमौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को रामपुर की वक्फ की संपत्ति और बसपा नेता सतीश मिश्र से ताल्लुक रखने वाले ट्रस्ट को लखनऊ के मोहान रोड की वक्फ संपत्ति दिये जाने की बात कही थी। रिजवी ने दोनों बोर्डों की अलग-अलग रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के ढेरों पहलुओं का उल्लेख किया था। 15 साल के अंतराल में वक्फ संपत्तियों पर श्वेत पत्र जारी करने व सीबीआइ जांच की संस्तुति की थी। केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने काउंसिल के अध्यक्ष के रूप में जांच रिपोर्ट को सही ठहराते हुए संस्तुतियों पर कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार को लिखा था। छह अ्रप्रैल को लखनऊ दौरे पर नकवी ने यह बात स्वीकार भी की थी।
सूत्रों का कहना है कि इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने अपने स्तर से जांच कराई और शुक्रवार को प्रकरण की जांच सीबीआइ को सौंपने व बोर्ड भंग करने की संस्तुति करने का एलान किया। हालांकि अभी सरकार ने सीबीआइ जांच की संस्तुति नहीं की है, अगर सीबीआइ की जांच हुई तो रामपुर में मौलाना अली जौहर यूनिवर्सिटी और रामपुर पब्लिक स्कूल के निर्माण में संपत्ति कब्जाने का मामला सामने आएगा। ऐसे में पूर्व मंत्री आजम की मुश्किल बढ़ सकती है। वक्फ संपत्तियां लीज पर देने वाले अधिकारी जांच के घेरे में होंगे। ऐसे लखनऊ में शिया औकाफ कब्जाने की आंच धर्म गुरु से जुड़े लोगों तक तक जा सकती है। दूसरी ओर शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्षों को नोटिस जारी कर दिया गया है। इसे बोर्ड भंग करने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। शिया वक्फ बोर्ड के नामित छह सदस्यों की बर्खास्तगी का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
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यह किये गए बर्खास्त
बर्खास्त किये गए सेंट्रल वक्फ बोर्ड के नामित सदस्यों में अख्तर हसन रिजवी, आलिमा जैदी, सैयद वली हैदर, सैयद आसिम हुसैन रिजवी और नजमुल हसन रिजवी का नाम शामिल है। सूत्रों का कहना है कि सेंट्रल काउंसिल के सदस्य ने इनमें से एक सदस्य अख्तर हसन पर मुंबई का इमामबाड़ा बेचने में शामिल होने की बात कही थी।
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21 june
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आठ जिलों में दर्ज हैं औकाफ पर कब्जे की रिपोर्ट
-लखनऊ, रामपुर, इलाहाबाद, कानपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा में दर्ज हैैं एफआइआर
- सीबीआइ जांच का केन्द्रीय कार्मिक मंत्रालय को जल्द जाएगा पत्र
लखनऊ : दस साल के अंतराल में वक्फ संपत्ति बेचने, कब्जा करने के इल्जाम में दर्ज एफआइआर का ब्यौरा तैयार हो गया है। इसे शिया व सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के घोटाले की सीबीआइ जांच कराने की दिशा में कदम माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार एक दो दिन में सीबीआइ जांच के लिए केन्द्रीय कार्मिक मंत्रालय से अनुरोध करेगी। शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड में व्यापक भ्रष्टाचार का खुलासा सेंट्रल वक्फ काउंसिल के सदस्य एजाज रिजवी की जांच में हुआ था। इसमें पूर्व मंत्री आजम खां, बसपा नेता सतीश मिश्र से जुड़े ट्रस्ट को जमीन देने पर अंगुली उठाई गई है। उन्होंने दोनों बोर्डो में भारी भ्रष्टाचार का खुलासा किया था।
इसी जांच के आधार पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने विभागीय जांच कराई और भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर सीबीआइ का प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा था। मुख्यमंत्री ने सीबीआइ जांच पर सहमति प्रदान कर दी। प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने डीजीपी से दस साल के दौरान वक्फ संपत्तियों पर कब्जे को लेकर दर्ज एफआइआर, तफ्तीश की स्थिति का ब्यौरा मांगा था। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से दोनों बोर्डो की कार्रवाइयों का ब्यौरा भी गृह विभाग ने मांगा था। सूत्रों का कहना है कि गृह विभाग को भेजी गयी जानकारी में बताया गया है कि लखनऊ, रामपुर, इलाहाबाद, कानपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा में वक्फ संपत्ति कब्जाने की एफआइआर दर्ज है। जिसकी विवेचना लंबित होने का जिक्र किया गया है। सूत्रों का कहना है कि गृह विभाग इन्हीं ब्यौरे के आधार सीबीआइ जांच कराने के लिए केन्द्रीय कार्मिक मंत्रालय को अगले दो दिन में सिफारिश भेज देगा।
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