फूलपुर। गोरखपुर। संसदीय उपचुनाव-11 मार्च को वोट पड़ेंगे। योद्धा मैदान में हैं। कुछ लोगों के जेहन में परिणाम को लेकर जिज्ञासा होगी ?? मगर इस मुद्दे पर जिज्ञासा का स्थान "न..न..न" के बराबर है। हां, यह उत्सुकता जरूर हो सकती है कि अनुसूचित जाति (दलित) के वोटरों का रुख क्या होगा ?? दोनों क्षेत्र में इस वर्ग के वोटरों की तादाद 25 फीसद के ऊपर है। जिनका कथित दावेदार अखाड़े में नहीं है।...अन्य पिछड़ा, पिछड़ा, सवर्ण कब किसके साथ रहा-यह साफ है। रही बात माइनटरी की तो 2014-लोकसभा के बाद का चुनाव इतिहास गवाह है कि UP में इस वर्ग की राजनीतिक हैसियत बची नहीं है !!! इसीलिए भविष्य के चुनावों में "बाहें तो फैलाईं होती", "मुस्लिम मतदाताओं पर नजर"। "मुस्लिम वोटर एकजुट"। " मुसलमानों का रुख तय करेगा हार-जीत "। " मुसलमानों की चुप्पी से राजनीतिक दलों में बेचैनी " जैसी हेडिंग वाली खबरें अब शायद ही सुर्खियां बने। कहीं-कभी बनीं तो उसके खास सियासी निहितार्थ होंगे। एेसे में उपचुनावों के परिणाम पर मगजमारी की ज्यादा गुंजाइश तो नहीं दिखती। समीकरण भी एेसे नहीं जिससे अजूबा हो जाए। हां, कई राजनीतिक टीकाकारों की आंखें नम्बर-2 पर जरूर रहेंगी।
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जातीय समीकरण देखिए-फूलपुर
पटेल 18%, एससी 21%, मुस्लिम 15%, ब्राह्मण 9%, कायस्थ 6%, वैश्य 7%, यादव 6%, ठाकुर 4%, अन्य पिछड़ा 11% और अन्य 4% हैं।
विधानसभा सीटें और 2014 के परिणाम 2017 विधानसभा का परिणाम
सीट नम्बर-1 नम्बर-2 नम्बर-1 नम्बर-2
1-फाफामऊः BJP: 92918 /// BSP-42421 BJP-83239/// 57254-SP
2-सोरांवः BJP: 98311/// SP-45934 BJP- 77814/// 60079-BSP
3-फूलपुर: BJP: 103681/// SP-54026 BJP- 93912/// 67299 SP
4-इलाहाबाद पश्चिम-BJP: 99710/// SP-36979 BJP-85518/// 60182 SP
5-इलाहाबाद उत्तर: BJP: 108391/// INC-20531 BJP-89191/// 54166 INC
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लोकसभा में हार-जीत का अतरः 308308 (केशव मौर्य जीते, धर्मराज पटेल-2 रहे) 2017 विधानसभा में सभी सीटें भाजपा जीती।
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साफ है कि कुर्मी मतदाताओं का अधिकतर वोट भाजपा के साथ गया था। वरना फूलपुर संसदीय क्षेत्र की फूलपुर विधानसभा जहां कुर्मी (पटेल) मतदाता सबसे अधिक वहां सपा का पटेल प्रत्याशी भाजपा के मौर्य प्रत्याशी से 54026 मतों से पीछे नहीं होता। इसी तरह इलाहाबाद उत्तर जहां कायस्थ मतदाताओं की संख्या खासी अधिक है वहां भाजपा प्रत्याशी को 108391 वोट मिले थे जबकि इस विधानसभा क्षेत्र में दूसरे नम्बर रहे कांग्रेस के मोहम्मद कैफ को सिर्फ 20531 वोट मिले थे। सपा व बसपा के प्रत्याशी तीसरे चौथे नम्बर पर रहा।
नोटः इस बार तो भाजपा का प्रत्याशी भी पटेल जाति का ही है।
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जातीय समीकरण देखिएः गोरखपुर
निषाद-15%, ब्राह्मण-9%,मुस्लिम-10 %,यादव- 9%, कायस्थ-4%, एससी/एसटी/ओबीसी-19% हैं। (यह आंकड़ा राजनीतिक दलों से चर्चा के आधर पर है)
गोरखपुर संसदीय सीट-2014 का परिणाम व सीटें 2017 विधानसभा का परिणाम
सीट नम्बर-1 नम्बर-2 नम्बर-1 नम्बर-2
1-कैम्पियरगंजः BJP- 94508 /// SP-52462 BJP-91636/// 58782- BSP
2-पिपराइचः BJP-125316 /// SP-47837 BJP-82739/// 69930- BSP
3-गोरखपुर शहरः BJP-133892 /// SP-31055 BJP-122221/// 61491-INC
4-गोरखपुर ग्रामीणः BJP-97482 /// SP-53810 BJP-83686/// 79276-SP
5-शहजनवांः BJP-87406 /// BSP-43450 BJP-72213/// 56836 SP
हारजीत का अंतर-312783 (योगी आदित्यनाथ जीते, राजमित निषाद नम्बर-2 रहीं)
सपा ने इस चुनाव में भी निषाद पर दांव लगाया है मगर उसके प्रत्याशी को लेकर पार्टी के ही एक निषाद नेता का विरोध झेलना पड़ रहा है जबकि राजमति निषाद के पति पूर्वांचल में अति पिछड़ों के प्रभावशाली नेता थे। ऊपर से इस बार कांग्रेस ने मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारा है। इसी गोरखपुर के करीबी क्षेत्र के प्रभावशाली नेता आरपीएन सिंह को सीडब्ल्यूसी का सदस्य बना दिया है। सीडब्ल्यूसी कांग्रेस की सर्वोच्च बाडी होती है। ऊपर से इस बार योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के ओहदे पर हैं। केन्द्र व राज्य दोनों स्थानों पर भाजपा की सरकार है और लोकसभा के आम चुनाव में एक साल से थोड़ा अधिक का ही समय है।
नोटः इस बार भाजपा ने ब्राह्रण प्रत्याशी पर दांव लगाया है। दशकों बाद भाजपा ने गोरक्षपीठ से बाहर का और ब्राह्मण प्रत्याशी मैदान दिया है। इससे बने समीकरण का खुद अंदाजा लगाइए।
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जातीय समीकरण देखिए-फूलपुर
पटेल 18%, एससी 21%, मुस्लिम 15%, ब्राह्मण 9%, कायस्थ 6%, वैश्य 7%, यादव 6%, ठाकुर 4%, अन्य पिछड़ा 11% और अन्य 4% हैं।
विधानसभा सीटें और 2014 के परिणाम 2017 विधानसभा का परिणाम
सीट नम्बर-1 नम्बर-2 नम्बर-1 नम्बर-2
1-फाफामऊः BJP: 92918 /// BSP-42421 BJP-83239/// 57254-SP
2-सोरांवः BJP: 98311/// SP-45934 BJP- 77814/// 60079-BSP
3-फूलपुर: BJP: 103681/// SP-54026 BJP- 93912/// 67299 SP
4-इलाहाबाद पश्चिम-BJP: 99710/// SP-36979 BJP-85518/// 60182 SP
5-इलाहाबाद उत्तर: BJP: 108391/// INC-20531 BJP-89191/// 54166 INC
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लोकसभा में हार-जीत का अतरः 308308 (केशव मौर्य जीते, धर्मराज पटेल-2 रहे) 2017 विधानसभा में सभी सीटें भाजपा जीती।
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साफ है कि कुर्मी मतदाताओं का अधिकतर वोट भाजपा के साथ गया था। वरना फूलपुर संसदीय क्षेत्र की फूलपुर विधानसभा जहां कुर्मी (पटेल) मतदाता सबसे अधिक वहां सपा का पटेल प्रत्याशी भाजपा के मौर्य प्रत्याशी से 54026 मतों से पीछे नहीं होता। इसी तरह इलाहाबाद उत्तर जहां कायस्थ मतदाताओं की संख्या खासी अधिक है वहां भाजपा प्रत्याशी को 108391 वोट मिले थे जबकि इस विधानसभा क्षेत्र में दूसरे नम्बर रहे कांग्रेस के मोहम्मद कैफ को सिर्फ 20531 वोट मिले थे। सपा व बसपा के प्रत्याशी तीसरे चौथे नम्बर पर रहा।
नोटः इस बार तो भाजपा का प्रत्याशी भी पटेल जाति का ही है।
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जातीय समीकरण देखिएः गोरखपुर
निषाद-15%, ब्राह्मण-9%,मुस्लिम-10 %,यादव- 9%, कायस्थ-4%, एससी/एसटी/ओबीसी-19% हैं। (यह आंकड़ा राजनीतिक दलों से चर्चा के आधर पर है)
गोरखपुर संसदीय सीट-2014 का परिणाम व सीटें 2017 विधानसभा का परिणाम
सीट नम्बर-1 नम्बर-2 नम्बर-1 नम्बर-2
1-कैम्पियरगंजः BJP- 94508 /// SP-52462 BJP-91636/// 58782- BSP
2-पिपराइचः BJP-125316 /// SP-47837 BJP-82739/// 69930- BSP
3-गोरखपुर शहरः BJP-133892 /// SP-31055 BJP-122221/// 61491-INC
4-गोरखपुर ग्रामीणः BJP-97482 /// SP-53810 BJP-83686/// 79276-SP
5-शहजनवांः BJP-87406 /// BSP-43450 BJP-72213/// 56836 SP
हारजीत का अंतर-312783 (योगी आदित्यनाथ जीते, राजमित निषाद नम्बर-2 रहीं)
सपा ने इस चुनाव में भी निषाद पर दांव लगाया है मगर उसके प्रत्याशी को लेकर पार्टी के ही एक निषाद नेता का विरोध झेलना पड़ रहा है जबकि राजमति निषाद के पति पूर्वांचल में अति पिछड़ों के प्रभावशाली नेता थे। ऊपर से इस बार कांग्रेस ने मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारा है। इसी गोरखपुर के करीबी क्षेत्र के प्रभावशाली नेता आरपीएन सिंह को सीडब्ल्यूसी का सदस्य बना दिया है। सीडब्ल्यूसी कांग्रेस की सर्वोच्च बाडी होती है। ऊपर से इस बार योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के ओहदे पर हैं। केन्द्र व राज्य दोनों स्थानों पर भाजपा की सरकार है और लोकसभा के आम चुनाव में एक साल से थोड़ा अधिक का ही समय है।
नोटः इस बार भाजपा ने ब्राह्रण प्रत्याशी पर दांव लगाया है। दशकों बाद भाजपा ने गोरक्षपीठ से बाहर का और ब्राह्मण प्रत्याशी मैदान दिया है। इससे बने समीकरण का खुद अंदाजा लगाइए।
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