यूपी से दसवां सदस्य कौन !!!
UP से दसवां राज्यसभा सदस्य कौन होगा ? खांटी राजनीतिज्ञ या पूंजीपति ! ये जिज्ञासा विधानसभा के सदस्यों की संख्या के चलते हैं। 403 (निर्वाचित) सदस्यों वाले सदन में भाजपा के सदस्यों की संख्या 311 है। 13 घोषित समर्थक और तीन से 5 दूसरे विधायक भी भाजपा के साथ हैं। एक व्यक्ति को राज्यसभा का सदस्य बनाने को तकरीबन 37 वोटों की जरूरत होगी। इस लिहाज से भाजपा जिन आठ लोगों को टिकट देगी, उनकी जीत तय है। सपा के पास 47 सदस्य हैं यानी वह जिस एक व्यक्ति को टिकट देगी, उसकी जीत तय है। यानी दस में से नौ सीट का परिणाम तय है। अब बची एक सीट जिसके लिए किसी एक विपक्षी दल के पास पर्याप्त वोट नहीं है। एक सदस्य को निर्वाचित कराने के बाद सपा के पास 10 वोट बचेंगे। कांग्रेस के पास 07 वोट हैं। बसपा के पास 19 सदस्य हैं। यानी ये दल अपने बूते दसवें सदस्य को जिता नहीं सकते। सपा, बसपा और कांग्रेस का गठबंधन दसवें सदस्य को राज्यसभा भेज सकता है। तीनों दल एक जुट होंगे ?? यह यक्ष प्रश्न है, जिसका उत्तर 12 मार्च को ही मिलेगा। अगर तीनों का गठजोड़ बना तो प्रभाव "2019" के चुनाव पर नजर आएगा। अगर गठबंधन नहीं बना। दलों ने अपने विधायकों को "आत्मा की आवाज" पर वोट डालने का संकेत दे दिया। तब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा 9वां प्रत्याशी मैदान में उतारती है।अथवा किसी पूंजीपति-खांटी राजनीतिज्ञ को भाग्या आजमाने देने के लिए मैदान खुला छोड़ देती है।....राजनीति में हमेशा कयास, गोटें बिछाने का दांव चला जाता और संभावना, आशंका के आधार पर लेखन होता है। बावजूद इसके राज्यसभा के इस चुनाव में दसवां सदस्य कौतूहल का विषय होगा।
संभावित फार्मूला
-भाजपा सीधे नौ सदस्यों
-विपक्षी दल आपसी सहमित से दसवें सदस्य को मैदान में उतार दे और भाजपा नैतिकता के आधार यह मानकर की सदस्यों की संख्या के आधार पर दो सीटें विपक्ष को जाती हैं, मतदान की नौबत ही न आने दे।
-विपक्षी दल खासकर बसपा (जिसके सदस्यों की संख्या 19 है) कोई हैवीवेट प्रत्याशी उतारे और बाकी के दल भविष्य की संभावनाओं के मद्देनजर उसे समर्थन कर दे।
-सपा अपना दूसरा प्रत्याशी उतारे और बसपा अपने विधायकों को अंर्तात्मा की आवाज पर वोट डालने के लिए आजाद कर दे।
-कांग्रेस अपना एक प्रत्याशी मैदान में उतारे और यूपी के "लड़कों की दोस्ती वाला" फार्मूला फिर अमल में आता दिखे और बसपा मौन रह जाए।
-या फिर तीनों दल किसी बड़े औद्योगिक घराने को प्रत्याशी उतारने दे और भविष्य की संभावनाएं उसमें टटोलने का फैसला करे। (जैसा हरियाणा में भाजपा कर चुकी है।)
राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम
-नाम निर्देशन की अधिसूचना की तिथि : 05 मार्च
-नाम दाखिल करने की अंतिम तिथि : 12 मार्च
-नामांकन की जांच : 13 मार्च 2018
-नाम वापसी : 15 मार्च
-मतदानः 23 मार्च (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे)
-मतगणनाः 23 मार्च (शाम पांच बजे से परिणाम तक)
रिक्त सीटेंः दस
एक सीट के लिए आवश्यक वोटों की संख्या-37.5
मौजूदा समय में दलीय संख्या
0-भाजपा-311सपा- 47 बसपा- 19 अपना दल (सोनेलाल)-09 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस-07 सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी-04 राष्ट्रीय लोकदल-एक निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल-एकनिर्दलः तीन (अमन मणि त्रिपाठी, रघुराज प्रताप सिंह, विनोद सरोज)नामितः एक (डॉ.डेनजिल जे गोडिन) एक सीट रिक्त है।
भाजपा गठबंधन के सदस्य
- भाजपा (311) + अपना दल-09 + सुलेहदेव भारतीय समाज पार्टी-04 = 324
-राष्ट्रपति चुनाव के इतिहास पर नजर डालें- निर्दल (03) + सपा के 03 सदस्यों ने भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया।
- इनमें से एक सपा सदस्य ने निजी संबंधों की दुहाई देकर, दो ने क्रास वोटिंग की।
-यदि राज्यसभा चुनाव में पुनरावृत्ति हुई तो भाजपा गठबंधन के सदस्यों की संख्या-330 हो जाएगी।
-कुछ अरसे से निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के सदस्य की भाजपा से नजदीकी दिख रही है।
-UP कोटे की राज्यसभा में सीटों की संख्या-31 (मायावती के इस्तीफे के बाद से एक रिक्त)
राज्यसभा में UP की स्थिति
SP:18 (किरनमय नंदा, नरेश अग्रवाल, जावेद खां, तजीन फातिमा, आलोक तिवारी, सुरेन्द्र नागर, विशम्भर निषाद, जया बच्चन, चन्द्रपाल सिंह, दर्शन सिंह, रामगोपाल यादव, मुनव्वर सलीम, सुखराम चौधरी, बेनी वर्मा, रवि प्रकाश वर्मा, नीरज शेखर, संजय सेठ, रेवती रमण सिंह)-अमर सिंह सपा के टिकट पर राज्यसभा गए , सपा ने उन्हें निकाल दिया। जिस पर उन्हें राज्यसभा में निर्दल की मान्यता है।
-BJP:03(विनय कटियार, हरदीप सिंह और शिवप्रताप)
-congress:03 (पीएल पुनिया, कपिल सिब्बल, प्रमोद तिवारी)
-BSP:05(वीर सिंह, सतीश मिश्र, राजाराज, मुनकाद अली, अशोक सिद्धार्थ)
इनका कार्यकाल हो रहा पूरा
-नरेश अग्रवाल , दर्शन सिंह यादव, नरेश चन्द्र अग्रवाल, जया बच्चन, चौधरी मुनव्वर सलीम और आलोक तिवारी: (SP), -विनय कटियार ; (BJP)-प्रमोद तिवारी: (CONGRESS)

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