Wednesday, 12 October 2016

समाजवादी पार्टी ः लोहिया पुण्यतिथि-लखनऊ

१२ अक्टूबर २०१६ -----------

 समाजवादी सिद्धांतों पर नहीं चल रहे कार्यकर्ता: मुलायम
-समाजवादी परिवार का सियासी संग्राम अब 'दिलÓ को देने लगा दर्द

लखनऊ: समाजवादी परिवार का सियासी 'संग्रामÓ एक कदम बढ़कर अपनों के दिल को 'दर्दÓ देने लगा है। मंगलवार कोजेपी सेंटर के आगाज में इसकी झलक दिखी तो बुधवार को लोहिया की पुण्यतिथि पर यह खुलकर सामने आया। सुबह मुख्यमंत्री लोहिया को श्रद्धांजलि आर्पित कर लौट गए तब मुलायम और शिवपाल पहुंचे। फूल चढ़ाया। फिर बिना भूमिका मुलायम ने माइक संभाला और कहा कार्यकर्ता मेहनत करते हैं मगर समाजवादी सिद्धांतों पर नहीं चलते। कुछ युवा सिर्फ नारेबाजी करते हैं। टिकट चाहते हैं लेकिन क्षेत्र में उन्हे कोई जानता नहीं।
समाजवादी चिंतक डाक्टर राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर समाजवादी पार्टी विपक्ष में रहने से लेकर अब तक लोहिया पार्क में बड़ा आयोजन करती रही है मगर बुधवार के कार्यक्रम में पार्टी के रणनीतिकारों का अंदाज जुदा-जुदा था। सुबह पहले मुख्यमंत्री पहुंचे, श्रद्धांजलि अर्पित, कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया और लौट गए फिर पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव व शिवपाल यादव पहुंचे। श्रद्धांजलि के बाद सीधे बोलना शुरू किया, चंद मिटन में भी भाषण खत्म कर दिया। जबकि पूर्व में यह कार्यक्रम तीन से चार घंटे चलता था।
---
युवा सिद्धांतों पर नहीं चल रहे
 मुलायम ने कहा कि  कार्यकर्ता मेहनत करते हैं पर समाजवादी सिद्धांतों पर नहीं चलते। सीखते भी नहीं, जनसेवा का तरीका भी पता नहीं। फिर युवा ब्रिगेड पर हमलावर होते हुए कहा कि आजकल के लड़के सिर्फ नारेबाजी करते हैं, इससे तो राजनीति नहीं चलती। कोई न किताब खरीदता है और न पढ़ता है। लोहिया पुस्तकालय तक नहीं जाते। जब कहा कि जो पढ़ेगा, उसी को टिकट देंगे तो कुछ लोगों ने किताबें खरीदीं मगर पढ़ा फिर भी नहीं। यादव ने कहा कि हालांकि दो-चार लड़के अच्छे भी हैं। लोहिया ने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी है। उनकी विचारधारा हमेशा प्रासंगिक रहेगी। आजादी की लड़ाई में असहनीय यातनाएं सहने वालों में वह भी प्रमुख रूप से शामिल ते।
-------
मैं,रात भर नहीं सोया
अपने भाषणों में संघर्ष, बलिदान और सियासी दांव-पेंच का जिक्र करने वाले मुलायम सिंह यादव बुधवार को संभवत: पहली बार सावर्जनिक मंच पर भावुक नजर आए। कहा 'मैं रात भर सोया नहीं। मंगलवार को ही दोपहर दिल्ली गया था, जहां देश के बड़े राजनीतिक चिंतक से लंबी चर्चा की। फिर रात भर सो नहीं पाया। सुबह पहली फ्लाइट पकड़कर आ गया। वह जब सो नहीं पाने का खुलासा कर रहे थे, तब उनके चेहरे पर परिवार के 'संग्रामÓ से जन्मी पीड़ा साफ झलक रही थी। मुलायम ने यह खुलासा तो नहीं किया कि किस चिंतक से बात की मगर उनकी बातों से यह अर्थ तो निकला ही कि समाजवादी पार्टी के चुनावी समीकरण फिलहाल खांचे में फिट नहीं है।
-----
आज के राजनीतिक, डॉक्टर नादान
मुलायम ने कहा कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन के बाद सात दिनों तक पट्टी नहीं खोली। जिससे उनके जख्म में मवाद पड़ गया। लोहिया को जब अहसास हो गया कि वह अब नहीं बचेंगे, तब उन्होने होश में आने पर मुझसे कहा था- 'आजकल के राजनीतिक और डॉक्टर नादान हैं।Ó सपा सुप्रीमो ने कहा, मेरी उनसे आखिरी मुलाकात 23 अगस्त 1967 को हुई थी और 12 अक्टूबर को उनका निधन हो गया। लोहिया बड़े विचारक थे। कहा कि लोहिया के विचारों से प्रेरित होकर समाजवादी पार्टी का गठन किया था।
---
मुख्यमंत्री श्रद्धांजलि देने पहुंचे
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सुबह साढ़े दस बजे ही समाजवादी चिंतक डॉ.राम मनोहर लोहिया को श्रद्धांजलि देने लोहिया पार्क पहुंचे। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद वह वापस लौट गए, यह पहला मौका था जब अखिलेश यादव लोहिया की पुण्यतिथि पर बिना किसी संबोधन और सपा अध्यक्ष का इंतजार किये बगैर कार्यक्रम स्थल से लौट गये। इस तरीके को समाजवादी परिवार में चल रहे संग्र्राम व फैसलों पर नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने लोहिया न्याय जाकर डाक्टर लोहिया की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। कहा कि लोहिया के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि वह अमीर और गरीब के बीच का गहरी खाई खत्म करने के पक्षधर थे।
---
चाचा ने किनारा किया
सुबह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जब लोहिया को श्रद्धांजलि देने न्याय पहुंचे तो उस समय प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव वहां मौजूद थे मगर वह दूसरी कक्ष में चले गए। मुख्यमंत्री ने भी कोई उपक्रम नहीं किया। दोनों ने एक दूसरे से दूरी बनाये रखी।
---------
लोहिया के भाषणों की सीडी जारी
 समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता दीपक मिश्र द्वारा संकलित लोहिया के 50 प्रमुख भाषणों की एक सीडी व पेन ड्राइव जारी हुई। इसमें संसद के भीतर और बाहर लोहिया के भाषणों में से 50 को शामिल किया गया है। आपातकाल के दौर में उनका भाषण भी इस सीडी में है। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव, मंत्री अहमद हसन, भगवती सिंह, एमएलसी अशोक बाजपेयी, मधु गुप्ता, फाकिर सिद्दीकी भी मौजूद थे।
--------------

कुछ प्वांइट्स
-----------
-----
राम मनोहर लोह‌िया की पुण्यत‌िथ‌ि पर बुधवार को मुलायम स‌िंह ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजल‌ि अर्प‌ित की। उन्होंने बीते द‌िनों को याद क‌िया और कहा क‌ि उन्हें देश आज भी याद कर रहा है। सपा सुप्रीमो ने कहा, मेरी उनसे आख‌िरी मुलाकात 23 अगस्त 1967 को हुई थी और 12 अक्तूबर को उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा क‌ि लोह‌िया बड़े व‌िचारक थे।
मुलायम स‌िंह ने एक घटना का ज‌िक्र करते हुए कहा क‌ि लोह‌िया के ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने सात द‌िन तक उनकी पट्टी नहीं खोली ज‌िसकी वजह से मवाद पड़ गया जबक‌ि रोज ड्रेस‌िंग होनी चाह‌िए थी। हालत ब‌िगड़ने पर लोह‌िया को अहसास हो गया क‌ि वह नहीं बचेंगे तो जब उन्हें होश आता तो वह मुझसे कहते क‌ि आजकल के राजनीत‌िज्ञ और डॉक्टर नादान हैं।

मुलायम स‌िंह ने कहा, आजकल कार्यकर्ता मेहनत तो करते हैं पर स‌िद्धांतों पर नहीं चलते। उन्होंने कहा क‌ि आजकल के लड़के स‌िर्फ नारेबाजी करते हैं। हालांक‌ि दो-चार लड़के अच्छे भी हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओंं को ज्यादा से ज्यादा पढ़ने की सलाह दी।

-----
राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर बुधवार को लोहिया पार्क में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां मुलायम सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ता केवल नारेबाजी करते हैं। उन्‍हें क्षेत्र में कोई नहीं जानता, लेकिन टिकट ही चाहिए। वहीं, कार्यक्रम से पहले अखिलेश यादव और शिवपाल यादव ने लोहिया ट्रस्ट और लाहिया पार्क पहुंचकर प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
मुलायम ने कहा- केवल नारेबाजी करते हैं कार्यकर्ता
- लोहिया जी को पूरा देश याद कर रहा है।
- लोहिया जी बहुत बड़े विचारक थे।
- 23 अगस्‍त 1967 को लाहिया जी से आखिरी मुलाकात हुई थी।
- आज कल कार्यकर्ता मेहनत तो करते हैं, लेकिन सिद्धांतों पर नहीं चलते।
- केवल नारेबाजी करते हैं कार्यकर्ता, और मेहनत की जरूरत है।
- कार्यकर्ता भाषण नहीं सुनते। हमने कितने भाषण सुने थे।
- महापुरुषों के बारे में कार्यकर्ता नहीं पढ़ते।
- इतना अच्‍छा ट्रस्‍ट बनाया गया, लेकिन कोई कार्यकर्ता उनको पढ़ने वहां नहीं जाता।
- किसी को याद ही नहीं लोहिया जी का भाषण।
- मुझे उनका हर भाषण याद है।
- आजकल सिर्फ टिकट की जल्‍दी है, काम करने की नहीं।
- कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में कोई जानता ही नहीं, लेकिन टिकट चाहिए।
--------
महान समाजवादी चिन्तक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, बयालिस की क्रांति व गोवा मुक्ति संग्राम के नायक राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री शिवपाल सिंह यादव ने लोहिया न्यास व लोहिया पार्क स्थित लोहिया प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। लोहिया के शिष्य श्री मुलायम सिंह यादव ने कहा कि लोहिया ने भारतीय राजनीतिक को नई दिशा दी। लोहिया की विचारधारा आज और भी अधिक प्रांसगिक है। लोहिया ने आजादी की लड़ाई के दौरान असहनीय यातनायें सही। बयालिस की क्रान्ति के दौरान भूमिगत रहते हुए लोहिया जी स्वतंत्रता आन्दोलन को धार देते रहे। उन्होंने गोवा की आजादी का सिंहनाद किया इसीलिए उन्हें गोवा मुक्ति संग्राम का नायक भी कहा जाता है। उन्होंने ‘सप्त क्रान्ति’, ‘विकेन्द्रीयकरण’, ‘चैखम्भाराज’ जैसी अवधारणायें दी। उन्होंने पूरी दुनिया को बिना हथियार उठाये अन्याय का प्रतिकार करना सिखाया। श्री यादव ने युवा समाजवादियों से लोहिया एवं समाजवादी साहित्य के अध्ययन करने तथा सैद्धान्तिक कार्यक्रमों से जुड़ने की सीख दी। नेताजी ने कहा कि लोहिया के विचारों से अनुप्रेरित होकर ही उन्होंने समाजवादी पार्टी का गठन किया। आर्थिक विषमता को समाजवाद से ही दूर किया जा सकता है। लोहिया के ऐतिहासिक वक्तव्य को उद्धरित करते हुए उन्होंने कहा कि अमीर और गरीब के बीच एक अनुपात दस का अंतर होना चाहिए। श्री मुलायम सिंह यादव ने इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता व प्रदेश सचिव श्री दीपक मिश्र द्वारा संपादित एवं संकलित लोहिया जी के ऐतिहासिक व संग्रहणीय भाषणों की पेनड्राइव/डीवीडी जारी की। इस अवसर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, वरिष्ठ समाजवादी नेता भगवती सिंह, विधान परिषद सदस्य अशोक बाजपेयी, मंत्री अहमद हसन, मधु गुप्ता, फाकिर सिद्दीकी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
----------------
लखनऊ.यूपी की सियासत में एक बार फिर चर्चा चल पड़ी है कि सीएम अखिलेश यादव नाराज चल रहे हैं। यह नाराजगी लोहिया की पुण्यतिथि पर लोहिया पार्क में भी देखने को मिली। यही नहीं मुलायम के बयान में भी उनका दर्द छलक आया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर सीएम साब नाराज क्यों हैं।
मुलायम से पहले पहुंचे लोहिया पार्क
- सीएम अखिलेश यादव भी लोहिया की पुण्यतिथि पर लोहिया पार्क पहुंचे।
- लेकिन वह मुलायम के आने से पहले ही माल्यार्पण करके वापस भी निकल गए।
- जबकि उन्हें मालूम था कि मुलायम भी आने वाले हैं और कार्यक्रम भी होने वाला है।
- यही नहीं बुधवार को वह काफी गुस्से में भी दिखे।
कम भीड़ देख मुलायम भी नाराज
- वहीं सीएम के जाने के बाद करीब 11 बजे पहुंचे मुलायम भी पंडाल में कम भीड़ देख कर नाराज हुए।
- इससे पहले उन्होंने लोहिया की मूर्ति पर माल्यार्पण भी किया।
- उन्होंने इस बाबत शिवपाल यादव और यशवंत सिंह से भी कुछ बात की।
- मुलायम ने तुरंत आते ही अपना भाषण भी शुरू कर दिया।
मुलायम बोले सबको अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए
- कम भीड़ देख कर मुलायम ने भी नेताओं को सीख दे डाली।
- उन्होंने कहा कि सबको अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
- उन्होंने कहा कि सिर्फ चुनाव और सरकार तक ही नहीं सीमित रहना चाहिए।
मुलायम के बयान के बाद चला चर्चाओं का दौर
- मुलायम के इस बयान को कार्यकर्ताओं ने संजीदगी से लिया।
- कार्यकर्ताओं ने कहा कि नेता जी ने यह सीख सीएम को दी है।
- कार्यकर्ताओं का कहना है कि परिवार में चल रही नाराजगी अभी भी ख़त्म नहीं हुई है।
- कहीं न कहीं कुछ हुआ जरूर है, तभी सीएम साहब आज रुके नहीं।









No comments:

Post a Comment