जागरण में तकनीकी कारणों से नहीं छपी
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सपा युवा ब्रिगेड पर दांव, निशाना मिशन-2017
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने युवा ब्रिगेड को महत्व देकर नई टीम बनाने का किया प्रयास
लखनऊ : मंत्रिमंडल विस्तार में 'समाजवादी परिवारÓ को साधने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कामकाज के बंटवारे में युवा ब्रिगेड को महत्वपूर्ण महकमे का जिम्मा सौंपकर नई टीम बनाने का प्रयास किया है। इसमें भी 'एम-वाईÓ (यादव-मुसलमान) समीकरण बनता दिख रहा है जो मिशन-2017 में कामयाबी की रणनीति माना जा रहा है।
31 अक्टबूर को मंत्रिमंडल के छठवें विस्तार में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय, जातीय समीकरण में साधने के प्रयासों के साथ 'समाजवादी परिवारÓ में सामंजस्य बनाने का प्रयास किया था। बदायूं, जौनपुर , हापुड़, गाजीपुर के विधायकों को मंत्रिमंडल में स्थान देने को इसी प्रयास के रूप में देखा गया तो बलवंत सिंह रामूवालिया को मंत्री बनाकर पार्टी मुखिया की पसंद को महत्व दिया गया था। बावजूद इसके मुख्यमंत्री ने युवा ब्रिगेड को प्रोन्नत कर या फिर स्थान देकर अपनी छाप छोडऩे का प्रयास किया था।
विस्तार के चौथे दिन विभागों के बंटवारे में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने युवा ब्रिगेड को पूरा महत्व दिया है। पहली बार विधायक निर्वाचित यासर शाह को परिवहन जैसे महत्वपूर्ण महकमे की कमान सौंपी है। वह मुख्यमंत्री की युवा ब्रिगेड के सदस्यों में शुमार होते हैं। इस ब्रिगेड के दूसरे चेहरेव सफीपुर से दूसरी बार विधायक सुधीर रावत को आइटी, इलेक्ट्रानिक और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जैसे महकमों का राज्यमंत्री बनाया है, इन महकमों के कैबिनेट मंत्री मुख्यमंत्री खुद हैं।
इसके अतिरिक्त जामिया मिलिया की छात्र राजनीति के समय से समाजवादी झंडा बुलंद करने वाले कमाल अख्तर को प्रोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया अब उन्हें खाद एवं रसद जैसा बड़े की उन पर जिम्मेदारी डाली है। सपा के दिग्गज मोहम्मद आजम खां से दूरी बनाकर राजनीति करने वाले कमाल को भी सपा की युवा ब्रिगेड का सदस्य माना जाता है।
राज्यमंत्री वसीम अहमद को बाल विकास-पुष्टाहार, बेसिक शिक्षा के साथ ऊर्जा विभाग का जिम्मा दिया जाना भी सपा के एम-वाई समीकरण को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा र हा है। युवा ब्रिगेड एक और सदस्य व राज्यमंत्री तेज नारायण उर्फ पवन पाण्डेय की मंत्रिमंडल में दोबारा वापसी पर जिम्मेदारी बढाई गयी और वन विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया है। डा.शिव प्रताप यादव को जन्तु उद्यान के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और विनोद उर्फ पंडित सिंह को कृषि (कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात एवं कृषि विपणन को छोड़कर), बलराम यादव को कम महत्व के कारागार विभाग से फिर बढ़ाकर माध्यमिक शिक्षा का जिम्मा भी समाजवादी पार्टी के लक्ष्य-2017 की रणनीति के रूप में देखा जा र हा है।
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सपा युवा ब्रिगेड पर दांव, निशाना मिशन-2017
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने युवा ब्रिगेड को महत्व देकर नई टीम बनाने का किया प्रयास
लखनऊ : मंत्रिमंडल विस्तार में 'समाजवादी परिवारÓ को साधने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कामकाज के बंटवारे में युवा ब्रिगेड को महत्वपूर्ण महकमे का जिम्मा सौंपकर नई टीम बनाने का प्रयास किया है। इसमें भी 'एम-वाईÓ (यादव-मुसलमान) समीकरण बनता दिख रहा है जो मिशन-2017 में कामयाबी की रणनीति माना जा रहा है।
31 अक्टबूर को मंत्रिमंडल के छठवें विस्तार में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय, जातीय समीकरण में साधने के प्रयासों के साथ 'समाजवादी परिवारÓ में सामंजस्य बनाने का प्रयास किया था। बदायूं, जौनपुर , हापुड़, गाजीपुर के विधायकों को मंत्रिमंडल में स्थान देने को इसी प्रयास के रूप में देखा गया तो बलवंत सिंह रामूवालिया को मंत्री बनाकर पार्टी मुखिया की पसंद को महत्व दिया गया था। बावजूद इसके मुख्यमंत्री ने युवा ब्रिगेड को प्रोन्नत कर या फिर स्थान देकर अपनी छाप छोडऩे का प्रयास किया था।
विस्तार के चौथे दिन विभागों के बंटवारे में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने युवा ब्रिगेड को पूरा महत्व दिया है। पहली बार विधायक निर्वाचित यासर शाह को परिवहन जैसे महत्वपूर्ण महकमे की कमान सौंपी है। वह मुख्यमंत्री की युवा ब्रिगेड के सदस्यों में शुमार होते हैं। इस ब्रिगेड के दूसरे चेहरेव सफीपुर से दूसरी बार विधायक सुधीर रावत को आइटी, इलेक्ट्रानिक और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जैसे महकमों का राज्यमंत्री बनाया है, इन महकमों के कैबिनेट मंत्री मुख्यमंत्री खुद हैं।
इसके अतिरिक्त जामिया मिलिया की छात्र राजनीति के समय से समाजवादी झंडा बुलंद करने वाले कमाल अख्तर को प्रोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया अब उन्हें खाद एवं रसद जैसा बड़े की उन पर जिम्मेदारी डाली है। सपा के दिग्गज मोहम्मद आजम खां से दूरी बनाकर राजनीति करने वाले कमाल को भी सपा की युवा ब्रिगेड का सदस्य माना जाता है।
राज्यमंत्री वसीम अहमद को बाल विकास-पुष्टाहार, बेसिक शिक्षा के साथ ऊर्जा विभाग का जिम्मा दिया जाना भी सपा के एम-वाई समीकरण को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा र हा है। युवा ब्रिगेड एक और सदस्य व राज्यमंत्री तेज नारायण उर्फ पवन पाण्डेय की मंत्रिमंडल में दोबारा वापसी पर जिम्मेदारी बढाई गयी और वन विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया है। डा.शिव प्रताप यादव को जन्तु उद्यान के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और विनोद उर्फ पंडित सिंह को कृषि (कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात एवं कृषि विपणन को छोड़कर), बलराम यादव को कम महत्व के कारागार विभाग से फिर बढ़ाकर माध्यमिक शिक्षा का जिम्मा भी समाजवादी पार्टी के लक्ष्य-2017 की रणनीति के रूप में देखा जा र हा है।
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